हाईस्कूल के छात्र की गला दबाकर हत्या करने और शव को कुएं में फेंकने के
राज से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। मृतक की बहन के प्रेमी ने पोल खुलने के
डर से ये वारदात की थी। पहचान मिटाने के लिए तेजाब से शव को जलाने का
प्रयास किया गया था। पुलिस ने प्रेमी समेत दो युवकों को हिरासत में लिया
है। इनकी निशानदेही पर बाइक बरामद की।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव
गढ़ा खेड़ा निवासी वृजकिशोर के ट्यूबवेल के कुएं में 14 मार्च को युवक का
अधजला शव बरामद हुआ था। एक अप्रैल को हरदोई निवासी रानी देवी ने फोटो देखकर
शव अपने पुत्र दीपू उर्फ जयसिंह का बताया था। इसकी गुमशुदगी हरदोई जिले के
थाना गोकुल वेहटा में 26 मार्च को मां ने दर्ज कराई थी। मृतक की मां ने
जहानगंज
थाना इलाके के गांव पकरिया निवासी प्रबल प्रताप सिंह के साथ पुत्र
के जाने की जानकारी दी। इस पर पुलिस ने प्रबल प्रताप व उसके मित्र मुकेश
कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रबल प्रताप की निशानदेही पर आर्मी
चिन्ह लगी एक बाइक पुलिस ने बरामद की। थानाध्यक्ष सुनील मिश्रा ने बताया कि
दोनों आरोपियों से पूछताछ में हत्या की वजह सामने
आ गई है। प्रबल प्रताप
के मोबाइल पर दो साल पूर्व मृतक की चचेरी बहन के फोन से मिस काल आई थी।
इससे दोनोें में बात होने लगी। प्रबल ने शादी का प्रस्ताव दिया तो उसने
इनकार कर दिया। साथ ही दीपू की बहन का मोबाइल नंबर दे दिया। इसके बाद मृतक
की बहन और प्रबल में बात होने लगी। प्रबल का दीपू के घर आना जाना शुरू हो
गया। प्रबल ने
खुद के सेना में नौकरी करने और अविवाहित होने की बात कही।
प्रबल ने हाईस्कूल में पढ़ रहे दीपू से दोस्ती गांठ ली। दीपू की बोर्ड
परीक्षा का केंद्र हरदोई में पड़ा। 4 फरवरी को प्रबल बाइक से दीपू को
परीक्षा केंद्र दिखाने ले गया। 11 मार्च को कला विषय का पेपर दिलाने गया।
इसके बाद से दीपू गायब हो गया। प्रबल ने बताया कि वह दीपू को घुमाने के
बहाने
लुनार ले गया। वहां से 11 मार्च को ही फर्रुखाबाद आया और मांझी
रेस्टोरेंट पर दोनों ने खाना खाया। यहां से उसे गांव रुनी चुरसई निवासी
पंडित वर्मा के घर लेकर गया। 12 मार्च को रात करीब एक बजे उसने साथियों के
साथ मिलकर दीपू की गला दबा कर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने को 13 मार्च को
बाइक से शव लेकर गांव गढ़ा खेंडा आया और इसे जलाने
का प्रयास किया। गांव
में हलचल होने पर शव को वृजकिशोर के ट्यूबवेल के कुएंम में डाल कर फरार हो
गया। 14 मार्च को शव बरामद होने पर वह बाइक समेत गायब हो गया। एसओ ने
बताया कि प्रबल शादीशुदा है। उसके चार बच्चे हैं। सबसे
बड़ा पुत्र आठ साल
और सबसे छोटा चार माह का है। उसकी शादी टाडा बहरामपुर निवासी उमादेवी के
साथ वर्ष 2007 में हुई थी। वह न तो अविवाहित था और न ही सेना में नौकरी
करता था। इसकी जानकारी मृतक दीपू को हो गई थी। उसने अपने मां और बहन को
हकीकत बताने की आरोपी को चेतावनी दी थी। पोल खुलने के कारण उसने दीपू की
जान ले ली।