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सूदखोर से परेशान बैंक मित्र को आत्महत्या करने से रोका

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viral letter - फोटो : Social Media
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सूदखोर ने बैंक मित्र को 40 हजार देने के बाद चार लाख वसूल कर लिए। इसके बाद भी वसूली बंद नहीं की। इससे परेशान होकर बैंक मित्र आत्महत्या करने जा रहा था। परिजनों ने पुलिस सूचना दी गई। पुलिस कर्मी सूदखोर को पकड़ने गए तो महिलाओं से नोकझोंक हो गई। बाद में एसओ सूदखोर को पकड़ कर लाए और समझौता करा दिया।
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थाना क्षेत्र के गांव नगला नाना निवासी लेखपाल प्रमोद अवस्थी के बेटे विवेक अवस्थी रोशनाबाद स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में बैंक मित्र हैं। विवेक ने रोशनाबाद निवासी एक सूदखोर से दो वर्ष पूर्व 40 हजार रुपये उधार लिए थे। धीरे-धीरे सूदखोर ने विवेक से चार लाख रुपये वसूल लिए। पर उधारी खत्म नहीं हुई। इसके चलते सूदखोर विवेक को रोज प्रताड़ित करता था। जो रुपये उसकी जेब में मिलते थे वह उससे छीन लेता था। इससे परेशान होकर विवेक आत्महत्या करने जा रहा था। उन्होंने अपनी जेब में सुसाइड नोट लिखकर रख लिया था। वह सुसाइड नोट 26 जनवरी को किसी तरह परिजनों के हाथ लग गया। तब उन्होंने विवेक को समझाकर आत्महत्या करने से रोका। 

पिता प्रमोद ने अपने साथी लेखपालों को मामले की जानकारी दी। इस पर लेखपाल एकत्र होकर थाने पहुंचे। वहां सूदखोर के खिलाफ तहरीर दी। पुलिसकर्मी 26 जनवरी की शाम को सूदखोर को पकड़ने गए। वहां महिलाओं की पुलिस कर्मियों से नोकझोंक हो गई। तब इंस्पेक्टर फोर्स लेकर सूदखोर के घर पहुंचे और उसे पकड़कर थाने ले आए। इसके बाद क्षेत्र के तमाम लोग थाने पहुंच गए। वहां दोनों पक्षों में समझौता हो गया। 
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सूदखोर ने स्वीकार किया कि उसने 40 हजार रुपये देकर चार लाख वसूल किए हैं। बाद में वह 75 हजार रुपये विवेक को वापस करने को तैयार हो गया। इस पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक जयंती प्रसाद ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता होने से उसे छोड़ दिया गया है। यदि वह रुपये वापस नहीं करेगा तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 
 
सूदखोर के जाल में फंसे हैं कई लोग  
रोशनाबाद निवासी सूदखोर जरूरतमंद लोगों को रकम देकर उनसे ब्याज के नाम पर खूब वसूली करता है। जो समय पर उसे रुपये नहीं देता है उसे वह प्रताड़ित भी करता है। एक बार जो उस सूदखोर के चक्कर में फंस जाता है, वह जल्द निकल नहीं पाता है। थाने में समझौता वार्ता चल रही थी, तभी गांव समसपुर निवासी नितीश पहुंचे उन्होंने अपना दर्द बयां किया। कहा कि उन्होंने 20 हजार रुपये सूदखोर से लिए थे। वह 46 हजार रुपये दे चुके हैं। पर अभी धन अदा नहीं हो सका है। इसी तरह अजीजाबाद के भी दो लोग पहुंचे। उन्होंने भी सूदखोर के जाल में खुद व अन्य लोगों के फंसे होने की जानकारी पुलिस को दी।
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