खेत में पड़े सामान को देखते डीआईजी नीलाब्जा चौधरी।
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कमालगंज (फर्रुखाबाद)। डकैतों ने रविवार रात कमालगंज थाना क्षेत्र के जीरागौर गांव के एक घर पर धावा बोलकर मां-बेटी की हत्या कर दी और साढ़े तीन लाख का माल लूट लिया। लूटपाट के विरोध पर गृहस्वामी को को भी सरिया मारकर लहूलुहान कर दिया। गृहस्वामी के पुत्र ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या और डकैती की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गृहस्वामी अब्दुल शमीम के पुत्र हसीब की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट के मुताबिक वह रात को घर की छत पर भाई सदीम और भतीजे अख्तर के साथ लेटा था। सुबह 5 बजे आंख खुलने पर वह छत से उतरकर घर के अंदर आया तो पिता अब्दुल शमीम, मां मसबरी बेगम, बहन महरोज (18) खून से लथपथ पड़े थे।
वह कुछ मदद कर पाता, इससे पहले ही महरोज ने दम तोड़ दिया। वह आनन-फानन घायल पिता और मां को कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया। यहां डाक्टरों ने मसबरी बेगम को भी मृत घोषित कर दिया। पिता की हालत चिंताजनक बताते हुए उन्हें लोहिया अस्पताल भेज दिया।
परिजनों ने मसबरी बेगम का शव सड़क पर रख कर जाम लगाने का प्रयास किया लेकिन तब तक कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ अफसर मौके पर पहुंच गए। क्षेत्राधिकारी अमृतपुर कालूराम दोहरे ने पीड़ित परिवार को घटना का जल्द खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा देकर शांत कर दिया।
उधर लोहिया अस्पताल के डाक्टरों ने अब्दुल शमीम को सैफई रेफर कर दिया। हसीब ने बताया कि पिता अब्दुल शमीम ने बेहोश होने से पहले उसे बताया था कि घर में घुसे छह-सात बदमाश 600 ग्राम चांदी और 85 ग्राम सोने के जेवर और 35 हजार रुपये समेत लगभग साढ़े तीन लाख रुपये का माल लूट ले गए हैं।
हत्या और डकैती की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक रामभुवन चौरसिया जीरागौर भी फिंगरप्रिंट टीम प्रभारी एसके कुरील, स्वाट टीम प्रभारी ब्रजेश यादव के साथ गांव पहुंचे। दोपहर करीब 12 बजे डीआईजी कानपुर रेंज नीलाब्जा चौधरी ने जीरागौर गांव पहुंचकर डकैतों को तत्काल गिरफ्तार किए जाने के निर्देश दिए। मां-बेटी के शवों का पोस्टमार्टम डा. सोमेश अग्निहोत्री ने किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मसबरी बेगम के सिर पर वजनी हथियार से गंभीर चोट आने और बेटी महरोज की गला दबानेे से मौत की पुष्टि हुई है।