बवाल के दौरान घायल हुए बंदी राजेश को अस्पताल ले जाते पुलिसकर्मी।
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फर्रुखाबाद। जिला कारागार फतेहगढ़ में रविवार सुबह करीब 8 बजे बंदियों ने जमकर उपद्रव किया। जेल अस्पताल के स्टोर में रखे अभिलेखों में आग लगा दी। एक बंदी रक्षक को बंधक बना लिया। छत पर चढ़कर जमकर पथराव किया। पथराव से प्रभारी जिलाधिकारी व जेल अधीक्षक समेत चार लोग घायल हो गए। विवाद के पीछे की वजह जिला जेल में बंद उम्रकैदी को लोहिया अस्पताल रेफर न करना बताया गया है। बंदी दोपहर करीब 3 बजे तक उपद्रव चला। मौके पर पहुंचे डीआईजी जेल ने जांच की। जेलर डीपी सिंह को इस मामले में दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव सबलपुर निवासी अतुल हत्या और दुष्कर्म के मुकदमे में उम्रकैद की सजा काट रहा है। बीमार होने पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार से लाभ न मिलने पर बंदियों ने अतुल को रेफर करने की मांग की। जेल अस्पताल के डॉक्टर नीरज और जेलर डीपी सिंह ने कैदी को रेफर करने से मना कर दिया। इस पर बंदियों की सुबह पहले जेलर और डॉक्टर से नोकझोंक होने लगी। इसके बाद बंदियों ने अस्पताल में रखी अलमारी, टीवी, सीसीटीवी कैमरे व अन्य वस्तुओं को तोड़ दिया। स्टोर में रखे अभिलेखों में आग लगा दी। बंदी रक्षक संतोष कुमार को मारपीट कर बंधक बनाने के बाद सीढ़ी को कब्जे में लेकर अधीक्षक और जेलर के कार्यालय की छत पर चढ़ गए। यहां दीवार की ईंटे उखाड़कर बंदी रक्षकों पर फेंकनी शुरू कर दीं। जेलर के कार्यालय में घुसकर कुर्सी, मेज, अलमारी तोड़ दी और कुछ कागजों में आग लगा दी। सूचना पर प्रभारी डीएम एनपी पांडेय, नगर मजिस्ट्रेट शिव बहादुर सिंह, एसडीएम सदर रमेश चंद्र यादव, एसपी सुभाष सिंह बघेल मौके पर पहुंचे। आसपास के जिलों से भी पुलिस फोर्स बुला लिया गया। अधिकारियों के पहुंचते ही बंदियों ने उपद्रव तेज कर दिया। इस कारण एक गेट से दूसरा गेट अधिकारी पार नहीं कर पाए। बंदियों के पथराव में जेल अधीक्षक राकेश कुमार के सिर में पत्थर लग गया, जिससे वह घायल हो गए। प्रभारी डीएम एनपी पांडेय, बंदी रक्षक संतोष कुमार और बंदी राजेश घायल हो गए। इन सभी को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामला बढ़ता देख डॉ. नीरज को हटा दिया गया। घटना की सूचना पर पहुंचे डीआईजी जेल आरपी सिंह ने जांच शुरू कर दी है। बंदियों ने जेलर के खिलाफ जेल में भ्रष्टाचार करने की शिकायत दर्ज कराई है।