कर्ज के बोझ में दबे किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शव देख परिजनों
का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस को सूचना दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर
दिया गया। पत्नी का कहना था कि पति पर केसीसी के 68 हजार रुपये बकाया होने
के साथ अन्य लोगों का भी कर्ज था।
थाना क्षेत्र के गांव आसलपुर निवासी
सुधाकर (50) पुत्र रामशंकर पाल शुक्रवार सुबह 5 बजे शौच के लिए गए थे। इस
दौरान अपने खेत में खड़े बकैना के पेड़ पर अपने ही तहमद से फंदा बना फांसी
लगा ली। गांव के ही प्रदीप कुमार अपना खेत देखने आए तो सुधाकर का शव लटका
देख उन्होंने उनके परिजनों को सूचना दी। इस पर उनकी पत्नी शीला देवी, पुत्र
विपिन (25) और अजीत कुमार (21) घटनास्थल पर पहुंचे। परिजन शव लेकर घर चले
आए। पुलिस को सूचना दिए बगैर परिजनों ने अंतिम
संस्कार कर दिया। मृतक की
पत्नी शीला देवी ने बताया कि इस बार पति ने बैंक व अन्य लोगों से कर्जा
लेकर तंबाकू और गेहूं की फसल की थी। लेकिन कुदरत के कहर से दोनों फसलें
बर्बाद हो गईं। पति पर केसीसी के 68 हजार रुपये बकाया थे। इसके साथ ही अन्य
लोगों का भी कर्ज था। अगले माह छोटे पुत्र अजीत की शादी भी है। इसके चलते
पति परेशान रहते थे। इसी से परेशान होकर पति ने आत्महत्या कर ली।
थानाध्यक्ष मुकेश यादव ने बताया कि सूचना नहीं मिली है।