संदिग्ध हालात में लेखपाल की मौत हो गई। सुबह आंगन में शव देख पड़ोसी ने
अमीन को और उसने एसडीएम को सूचना दी। उन्हाेंने सीएचसी से डाक्टर बुलाकर
परीक्षण कराया। डाक्टर ने लेखपाल को मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्र ने
हत्या की आशंका जताते हुए कोतवाली में तहरीर दी है।
कंपिल क्षेत्र के
इकलहरा में तैनात लेखपाल नंद किशोर मिश्रा (50) तहसील के पीछे मोहल्ला
चिलांका में वीरेंद्र कुमार बाथम के मकान में ऊपर के कमरे में किराए पर
रहते थे। शुक्रवार को इनका शव आंगन में दरवाजे के पास ही एक चटाई पर पड़ा
था। सिर से खून बह रहा था। पड़ोसी प्रमोद ने देखा तो मोहल्ले में रहने
वाले अमीन सुरेंद्र को जानकारी दी। सुरेंद्र ने मौके पर जाकर तत्काल एसडीएम
एके सिंह को जानकारी दी। इस पर पहुंचे एसडीएम ने सीएचसी से डाक्टर को
बुलाकर परीक्षण कराया।
डाक्टर ने लेखपाल को मृत घोषित कर दिया। एसडीएम ने
कस्बा चौकी इंचार्ज एमके त्रिपाठी को बुलाया। उधर, जानकारी मिलने पर मृतक
के मुडौल निवासी रिश्तेदार अशोक दुबे आदि पहुंच गए। इन्हाेंने लेखपाल के
घर कमालगंज फोन कर जानकारी दी। मृतक की पत्नी रेखा देवी, पुत्र रोहित,
राहुल और निखिल तथा पुत्री प्रिया मौके पर पहुंचे। एसडीएम एके सिंह ने
बारीकी से
निरीक्षण कर घटना को संदिग्ध बताया है। कस्बा इंचार्ज ने शव
पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसडीएम ने लेखपाल के अभिलेख कब्जे में लेकर
कानूनगो गोविंद सिंह के हवाले कर दिए। मृतक के पुत्र राहुल ने हत्या की
आशंका जताते हुए अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी।
बंद कमरे में मिला खुला टिफिन
कुछ लोग लेखपाल के शराब पीने क ा आदी होने से नशे में जीने से उतरते समय
गिरकर सिर में चोट लगने को मौत की वजह मान रहे हैं। मृतक का शव नीचे की
मंजिल में पड़ा था। दूसरी मंजिल के कमरे में खाने का टिफिन खुला था। इसमें
पूड़ी और सब्जी रखी थी।
इससे माना जा रहा है कि वह खाना खा रहे थे। किसी
के बुलाने पर वह नीचे उतर कर गए। इस बीच किसी ने भारी वस्तु से उनके सिर
में वार कर हत्या कर दी। वह पैराें में सिर्फ मोजे पहने थे। जूते कमरे में
रखे थे। कमरे का ताला बाहर से बंद था।
चाबी मृतक के हाथ में थी। इससे लगता
है कि हत्या करने वालों ने ही ऊपर कमरे का ताला लगाया। इसके बाद शव के हाथ
में चाबी फंसा दी। पास ही लेखपाल की टूटी घड़ी भी पड़ी थी। साथी लेखपालों व
अन्य का कहना है कि वह कभी खाना टिफिन में लेकर नहीं आते थे। फिर टिफिन
में खाना लेकर आने वाला कौन है। इसकी जांच होनी चाहिए। घटना स्थल देखने
के बाद एसडीएम ने भी घटना को संदिग्ध माना। उन्होंने कमरे से अभिलेख निकलवा
कर ताला डलवा दिया।