फर्रुखाबाद। पड़ोसी जिला कन्नौज के गांव मलिकपुर की चर्चित दलित युवती हत्याकांड की जांच कानपुर देहात रसूलाबाद क्षेत्र के सीओ नरेशचंद्र ने यहां पहुंचकर की।
उन्होंने थाना कमालगंज में अपनी आमद कराने के बाद यहां कार्यरत रहे हत्यारोपी इंस्पेक्टर सालिगराम वर्मा के संबंध में गहन पूछताछ की।
इसके बाद वह गांव मलिकपुर पहुंचे, जहां उन्होंने दलित युवती के पिता राम दास के बयान दर्ज किए।
सूत्रों का कहना है कि अब तक की चल रही विवेचना में किसी भी हत्यारोपी के विरुद्घ कोई भी पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले हैं। मुकदमे का वादी ही बयान देने से कतरा रहा है।
जिससे मुकदमे की विवेचना अधर में लटकी है। 30 अप्रैल को कमालगंज पुलिस ने दलित युवती को गिरफ्तार कर 250 ग्राम नशीले पाउडर के साथ जिला जज न्यायालय में पेश किया था।
न्यायालय से वारंट बनवाकर जेल दाखिल करने जाते समय इस युवती ने पुलिस की जीप से पुलिस लाइन के सामने छलांग लगा दी थी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
गंभीर अवस्था में उसे हैलट अस्पताल कानपुर में भर्ती कराया गया। 9 मई को युवती ने दम तोड़ दिया।
युवती की मौत के बाद डीआईजी के निर्देश पर कमालगंज के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सालिगराम वर्मा समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
इस मामले की विवेचना अमृतपुर क्षेत्राधिकारी कालूराम दोहरे को सौंपी गई और इसके बाद विवेचना कानपुर देहात के रसूलाबाद सीओ नरेश चंद्र को शासन के निर्देश पर स्थानांतरित कर दी गई। विवेचना मिलने के बाद रसूलाबाद सीओ नरेशचंद्र यहां दो बार आ चुके हैं।