पूजा के शव मिलने के मामले में पुलिस की दो टीमें अलग- अलग एंगल पर जांच कर रही है। हत्या की वजह नौ दिसंबर को होने वाली उसकी शादी मानी जा रही है। लेकिन पुलिस अभी इस उलझ में है कि हत्या उसके प्रेमी ने की या परिजनों ने। दोनों ही एंगल पर पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। दोनों जांच कायमगंज पुलिस को सौंपी गई है।
पूछताछ में यह बात सामने आई कि सिकंदरपुर निवासी दिलीप को जब उसकी बेटी और गावं के ही रवेंद्र के प्रेम संबंध के बार में जानकारी मिली तो वह उसे भी कायमगंज के गंगा दरवाजा कूंचा मोहल्ले स्थित किराये के मकान में ले आया। यही से वह सिवारा स्थित एक निजी विद्यालय में पढ़ाने जाने लगी।
इस बीच रवेंद्र और शिक्षिका के प्रेम प्रसंग प्रगाढ़ होते गए। इसी बीच उसकी शादी तय हो गई। नौ दिसंबर को बारात आने वाली थी कि 30 नवंबर की शाम अचानक पूजा गायब हो गई। पुलिस का मानना है कि रवेंद्र से पूजा के प्रेम-संबंध चल रहे थे लेकिन प्रेम संबंधों के चलते वह उसकी हत्या क्यों कर देता और हत्या से पहले उसे किसी अस्पताल में जाकर बिग्गो और आक्सीजन की नली लगवाकर क्यों मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में फेंक देता।
यह बात पुलिस के गले नहीं उतर रही है। पुलिस कप्तान सुभाष सिंह का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है। घटना संदिग्ध लग रही है। यदि रवेंद्र और राजू ने पूजा का अपहरण करके हत्या की होती तो वह घर पर मौजूद नहीं होते। अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार का कहना है कि यह तो तय है कि मामला प्रेम-प्रसंग का है।
बस हत्या की वजह और हत्यारे तलाशे जा रहे हैं। पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिस तरह से पूजा को विगो और नाक में नली लगी थी, उससे तय है कि उसे किसी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। भर्ती कराने की वजह क्या थी। इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है।
हालांकि पुलिस यह भी आशंका जता रही है कि अबार्शन के लिए भी उसे अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। अस्पताल में भर्ती कराने की एक वजह जहरीला पदार्थ खाना भी हो सकता है। ऐसे में पुलिस को नर्सिंग होम के बारे में सुराग लग जाए तो पूजा की हत्या की गुत्थी वह आसानी से सुलझा सकती है।
जांच में लगी टीम की मानें तो उसे यह बात भी खटक रही है कि आखिर दिलीप ने दोपहर में क्यों सूचना दी। यदि पूजा शाम से ही गायब थी तो रात में ही पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। यहां तक कि सुबह भी सूचना नहीं दी गई। पुलिस के पास वह तब सूचना देने पहुंचा, जब शव मिल चुका था। ऐसे में भी यह मामला संदिग्ध लग रहा है।