रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद के मालगोदाम के कमरे में गुरुवार को ठेकेदार का संदिग्ध हालात में शव पड़ा मिला। इससे सनसनी फैल गई। घटना की सूचना पर परिवार के लोग व जीआरपी मौके पर पहुंची। शहर कोतवाली के मोहल्ला कटरा बू अली निवासी राजेंद्र निगम (65) का परिवार करीब 20 साल से कानपुर के मोहल्ला विकास नगर में रहता है।
राजेंद्र निगम फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन के माल गोदाम में लेबरों के ठेकेदार थे। बुधवार को राजेंद्र निगम ने मालगोदाम में काम किया था। इनका कमरा माल अधीक्षक कार्यालय के पास है। गुरुवार सुबह राजेंद्र का शव कमरे में पड़ा मिला। जब इसकी जानकारी रेलवे कर्मचारियों को हुई तो उन लोगों ने इसकी सूचना माल अधीक्षक शिवशंकर मिश्रा को दी।
सूचना पर माल अधीक्षक मौके पर आ गए। शिवशंकर ने स्टेशन मास्टर उमाशंकर प्रसाद कौशिक को घटना से अवगत कराया। स्टेशन अधीक्षक ने मेमो भेज कर जीआरपी को सूचना दी। जानकारी होने पर फतेहगढ़ चौकी प्रभारी सत्यप्रकाश मौके पर आ गए। माल अधीक्षक ने इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना पर शहर में रह रही राजेंद्र की बहन सीमा देवी आ गई।
सीमा ने अपने भतीजों को फोन कर घटना के बारे में बताया। दोपहर को बेटे दुर्गेश, प्रिंस के अलावा परिवार के अन्य लोग भी आ गए। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराए जाने से मना किया लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि इससे पहले भी राजेंद्र निगम को हार्ट अटैक पड़ चुका है। उनकी पत्नी सुधा बीमार है। इसलिए वह नहीं आ सकीं। दरोगा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण पता चल सकेगा।