कायमगंज कोतवाली पुलिस ने हरियाणा प्रांत से तस्करी कर लाई गई करीब साढ़े
आठ लाख की शराब और बियर बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने शराब लाने
वाले ठेकेदार को भी हिरासत में लिया है। उन्नाव जनपद में जहरीली शराब पीने
से 5 लोगों की मौत के बाद हरकत में आई कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को चेकिंग
अभियान चलाया। इस दौरान ढमढेरा के पास ट्रक से चोरी की शराब उतरने की
सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक रूम सिंह यादव, एसएसआई हरिश्चंद्र
सिंह,
उपनिरीक्षक शीलेष गौतम और रविंद्र सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक
ढमढेरा गांव के पास बंबे के किनारे शराब उतार कर ट्रक जा चुका था। यहां
खड़े युवक को पुलिस ने दबोच लिया। इसने अपना नाम राजीव यादव पुत्र सुरेश
चंद्र यादव निवासी गांव घसिया चिलौली बताया। पुलिस को यहां 291 पेटी देशी
शराब और बियर मिली। जांच में यह शराब हरियाणा प्रांत की निकली। राजीव
पुलिस को शराब के कागज नहीं दिखा सका। पुलिस डीसीएम में भरवाकर शराब थाने
ले
आई। इसमें 135 पेटी हैवर्ड्स 5000 बियर के, 60 पेटी देशी शराब मस्ताना
ब्रांड तथा 96 पेटी संतरा ब्रांड देशी मसालेदार शराब के पौव्वे थे। प्रभारी
निरीक्षक ने बताया कि पैथान गांव में राजीव का देशी शराब का ठेका है । नगर
में तहसील के पास बियर का ठेका भी इसका ही है। इन्हीं ठेकों पर बिक्री के
लिए माल लाया गया था। बताया कि राजीव के खिलाफ एक्साइज एक्ट की धारा 60 के
तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम बीडी वर्मा और
सीओ
एके सिंह रावत भी कोतवाली पहुंचे। कोतवाल ने बताया कि राजीव ने नगर व
देहात के कई ठेकों पर इन ब्रांड की बियर और देशी शराब की बिक्री होने की
जानकारी दी है।
पहले भी हो चुकी बरामदगी
26 फरवरी को भी कोतवाली
पुलिस ने 21 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की थी। यह भी हरियाणा प्रांत से लाई
गई थी। इसमें तीन युवकाें को पकड़ा गया था। सूत्र बताते हैं कि नगर में कई
स्थानों पर हरियाणा से लाई जाने वाली शराब की बिक्री धड़ल्ले से होती है।
कबाड़ी से पौव्वे खरीद भरी जाती है हरियाणा की दारू
कसबे
में कबाड़ा की दुकानाें से पौव्वे खरीदने के बाद इनमें शराब भरकर बेची
जाती है। हरियाणा से तस्करी कर देशी शराब का पौव्वा 20 से 25 रुपये में
लाया जाता है। ठेकेदार देशी शराब के ठेकाें से बेचे गए खाली पौव्वे
कबाड़ियों से खरीद कर इसमें शराब भरकर बेचते हैं। मिलावट कर एक से दो
पौव्वे बनाए जाते हैं। इन्हें जनपद में बबर शेर और तोहफा ब्रांड देशी शराब
के नाम से बेचा जा रहा है। जनपद में चलने वाले ब्रांडों पर ठेकेदार को 4
से 5 पांच रुपये का मुनाफा होता है। हरियाणा की शराब पर दोगुना से ज्यादा
मुनाफा हो जाता है।
संसाधनों के अभाव से आबकारी पंगु
जिला
आबकारी अधिकारी एके शुक्ला का कहना है कि स्टाफ की कमी और सीमित संसाधनों
से विभाग पंगु है। बताया कि विभाग में उनके अलावा एक निरीक्षक और दो सिपाही
तैनात हैं। यह पूरे जिले में काम करते हैं। संसाधनों के अभाव में विभाग
पंगु बना हुआ है।
आबकारी टीम ने की छापेमारी, आठ गिरफ्तार
जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर आबकारी निरीक्षक की टीम ने शहर क्षेत्र
में कच्ची शराब बनाने के कारोबारियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया। इस
दौरान टीम ने पांच महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्नाव
जिले में शराब पीने से हुई पांच लोगों की मौत के बाद हरकत में आई आबकारी
टीम ने शुक्रवार की सुबह शहर के रामलीला गड्डा में कच्ची शराब बनाने वालों
के यहां छापेमारी की। यहां से राजेश सक्सेना, खटकपुरा निवासी नाजिम को
गिरफ्तार कर
लिया। इसके बाद टीम ने लकूला में छापेमारी की। यहां पर कुछ न
मिलने के बाद फतेहगढ़ के नेकपुर गिहार बस्ती में छापेमारी की। आबकारी टीम
ने यहां पर नेकपुर गिहार बस्ती से जिला बंदायू के कलान निवासी राजेश को
गिरफ्तार कर लिया। आबकारी टीम ने यहां से भारी मात्रा में लहन को नष्ट कर
दिया। आबकारी निरीक्षक संजय विद्यार्थी ने बताया कि
इस छापेमारी में पांच
महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 30 लीटर शराब
बरामद की गई। इन सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया।