फर्रुखाबाद। शहर कोतवाली क्षेत्र के चांदपुर से अपहृत कोटेदार का शव तीसरे दिन शनिवार को आवास विकास स्थित नाले में बोरी (फट्टा) में बंद पड़ा मिला। उसके गले में अंगौछा कसा था। इससे गला घोट कर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। जेब में 15 सौ रुपये और हाथ में अंगूठी मिलने से लूट के इरादे से हत्या न किए जाने की बात साफ हो गई है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक समेत पुलिसबल घटनास्थल पर पहुंच गया।
मूल रूप से कन्नौज के रहने वाले कोटेदार रामनरेश तिवारी(55) का एक मकान कादरीगेट में है। इसमें उनका भतीजा गोपाल परिवार समेत रहता है। रामनरेश तिवारी की चांदपुर में नीचे सरकारी राशन कोटे की दुकान है और ऊपर वह पत्नी मुन्नी देवी के साथ रहते थे। 14 मार्च को रामनरेश दुकान से गायब हो गए थे और 15 मार्च को अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था।
शनिवार को आवास विकास स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के निकट रहने वाले एके पाठक के आवास के बाहर नाले में एक फट्टा (राशन की बोरियों से बने) से दुर्गंध आने पर मोहल्लेवालों ने सफाई कर्मचारी को बुलवाया। सफाई कर्मचारी ने नाले में पड़े फट्टा को उठाकर खोला तो रामनरेश तिवारी की लाश निकली।
एसपी अनिल मिश्र, एएसपी त्रिभुवन सिंह, शहर कोतवाल रवि श्रीवास्तव और स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित फोर्स समेत मौके पर पहुंच गए। इस दौरान रामनरेश तिवारी के परिजन भी आ गए। तलाशी के दौरान रामनरेश की जेब से लगभग 1500 रुपये, एक बाइक की चाभी और रुमाल मिला। रामनरेश के गला अंगौछा से कसा था। शव फूल गया था, जिससे खाल छूट रही थी। उसकी उंगली में एक सोने की अंगूठी थी, जबकि गले से सोने की चेन गायब थी। रामनरेश के छोटे बेटे विनय की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ा पुत्र शिवजी तिवारी दिल्ली में नौकरी करता है। एक बेटी कमलेश देवी की शादी हो चुकी है।
एसपी व एएसपी ने रामनरेश के पुत्र शिवजी तिवारी व अन्य परिजनों से घटना की जानकारी ली। शहर कोतवाल रवि श्रीवास्तव ने बताया कि दर्ज मुकदमे को हत्या में तरमीम कर लिया जाएगा। यदि परिजन किसी के खिलाफ नामजद तहरीर देंगे तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।