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महिला सिपाही की हालत बिगड़ी, उत्पीड़न के लगाए आरोप

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यूपी 100 में तैनात सिपाही की संदिग्ध हालाल में तबियत बिगड़ गई। उसके भाई ने उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसने यूपी 100 प्रभारी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। वहीं यूपी 100 प्रभारी आरोप गलत बताएं हैं।
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फिरोजाबाद के गांव राजा का ताल निवासी सुरेश बाबू फतेहगढ़ जिला जेल में प्रधान बंदी रक्षक थे। जून में उनका स्थानांतरण कन्नौज जेल में हो गया। उनका परिवार अभी भी जिला जेल की कालोनी में ही रहता है। उनकी बेटी नीरू 2011 पुलिस में भर्ती हुई थी। तब से वह फर्रुखाबाद जनपद में सिपाही है। कुछ माह पूर्व तक वह वह शहर कोतवाली में तैनात थी। फिर उसका तबादला राजेपुर थाने में हो गया।

बाद में उसकी ड्यूटी रामनगरिया मेले में लगा दी गई। गुरुवार को यूपी 100 की पीआरवी संख्या 2649 पर ड्यूटी लगा दी गई। वह यूपी 100 गाड़ी पर ड्यूटी नहीं करना चाह रही थी। उसका कहना था कि उसे सरबाइकल की समस्या है। उसका लखनऊ पीजीआई में इलाज चल रहा है। इसके बाद भी उसे यूपी 100 की पीआरवी पर भेज दिया गया। पुलिस लाइन से यूपी 100 की गाड़ी रवाना होने के बाद चंद कदम की दूरी पर जिला जेल चौराहे पर पहुंची।
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तभी उसकी हालत बिगड़ गई और गाड़ी से उतर गई। वह जिला जेल चौराहा स्थित प्राइवेट अस्पताल में जाकर भर्ती हो गई। बाद में वह घर चली गई। देर रात घर पर हालत बिगड़ने पर उसके भाई शिवम यादव ने उसे लोहिया अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। वहां शुक्रवार सुबह नीरू ने आरोप लगाया कि उसके छुट्टी मांगने पर यूपी 100 प्रभारी ने उसके साथ अभद्र भाषा इस्तेमाल की। इलाज के लिए सिक बुक मांगने पर भी नहीं दी।

मामले की जानकारी मिलने शहर कोतवाल राजेश पाठक ने लोहिया अस्पताल पहुुंचकर उससे पूछताछ की। यूपी 100 प्रभारी अतुल कुमार ने बताया कि यूपी 100 गाड़ियों में महिला एसओ ने ड्यूटी लगाकर उनके पास रिपोर्ट भेजी थी। दोपहर को पीआरवी रवाना होने के बाद नीरू ने उन्हें फोन पर तबियत खराब होने से गाड़ी से उतरने की सूचना दी थी। इस पर उन्होंने उसके लिए दूसरी गाड़ी जिला जेेल चौराहे पर भेजी थी। पर नीरू वहां नहीं मिली।

बाद में नीरू के स्थान पर कंचन की ड्यूटी लगा दी गई थी। छुट्टी के संदर्भ में उनसे कोई बात नहीं हुई। लगाए आरोप गलत हैं। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। जांच कराई जाएगी।

करीब डेढ़ साल पहले महिला सिपाही अपने ही विभाग के एक ही बड़े अधिकारी पर गंभीर आरोप लगा चुकी है। बाद में किसी तरह अधिकारियों ने मामला रफादफा करा दिया था।

नीरू ने कहा उसे तीन माह से वेतन नहीं मिल रहा है। उसने यह नहीं बताया कि वेतन क्यों नहीं मिला है। महिला सिपाही की हालत बिगड़ने को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रहीं। विद्युत निगम के जेई राघवराम पांडेय व नीरू का भाई शिवम उसकी देखभाल में लगे रहे।
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महिला सिपाही की हालत बिगड़ी, उत्पीड़न का आरोप

देर रात लोहिया अस्पताल में कराया गया भर्ती
गुरुवार को ही लगी थी यूपी 100 पीआरवी पर ड्यूटी
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