फर्रुखाबाद। किशोरी के साथ दुष्कर्म और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी युवक का डीएनए टेस्ट कराने के लिए सोमवार को लोहिया अस्पताल में उसके खून का नमूना लिया गया। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर और अदालत में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सात फरवरी को कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के साथ टेंपो चालक विमलेश को घर में परिजनों ने पकड़ लिया था। लाठी-डंडों से उसकी पिटाई करने के बाद बेहोशी की हालत में गांव के चौराहे पर फेंक दिया था। सूचना पर पहुंचे विमलेश के परिजनों ने उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। उसी दिन रात को किशोरी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। किशोरी के पिता ने विमलेश के खिलाफ बेटी के साथ दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। लोहिया अस्पताल में विमलेश की सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। विमलेश के परिजनों ने भी किशोरी के परिजनों के खिलाफ मारपीट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया था। लेकिन इसका मुकदमा दर्ज नहीं हो सका था।
सोमवार को कायमगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर राधेश्याम ने लोहिया अस्पताल पहुंचकर डीएनए टेस्ट कराने के लिए विमलेश के खून का नमूना दिलवाया। कायमगंज कोतवाल जसवंत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी से दुष्कर्म की पुष्टि हो गई थी। इसलिए आरोपी का डीएनए कराया जा रहा है। आरोपी को गिरफ्तारी कर अदालत में पेश किया गया।