मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गैसिंगपुर में सोमवार को पकड़े गए संदिग्ध घुमंतू गिरोह के सदस्य निकले। सरगना के परिजनों से पूछताछ के बाद उनसे गत दिनों लखनऊ व बनारस से लूटे गए जेवरात बरामद कर लिए गए। घटना में प्रयुक्त लग्जरी कार से डेढ़ लाख की अफीम भी मिली है।
पुलिस लाइन सभागार में मंगलवार को एसपी डा.अनिल मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि स्वाट व सर्विलांस टीम के अलावा मोहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस ने सूचना के आधार पर दो लग्जरी कारों का पीछा किया। एक कार को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।
उसमें चार महिलाएं व दो पुरुष सवार थे। इनमें गिरोह सरगना मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव आजादनगर बनपोई निवासी मंगल बहेलिया की पत्नी आशा, सलहज शिवानी पत्नी प्रदीप बहेलिया, भाभी सोनी पत्नी आनंद, बहन सपना पत्नी जोगी बहेलिया, भाई राजकुमार, चचेरा भाई भारत सिंह शामिल हैं।
इनको गिरफ्तार कर लिया गया। मंगल बहेलिया इन दिनों राजस्थान प्रांत के जिला दौसा थाना सदर के गिरिराज मंदिर सर्वेश नगर में परिजनों के साथ रह रहा है। भारत सिंह आगरा की डिफेंस कालोनी थाना बाह में, बहन सपना राजस्थान के जनपद भरतपुर थाना रुदावल के गांव सैमरा में रहती है।
आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि उनके साथ दूसरी कार पर मंगल बहेलिया साथियों के साथ यहां आया था। वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपियों से लखनऊ व बनारस से लूटी गईं तीन सोने की चेन के अलावा कार से एक किलो 800 ग्राम अफीम मिली।
इसकी कीमत डेढ़ लाख रुपये आंकी गई। इसी कार से लूट की घटनाओं को अंजाम दिया गया था। आरोपियों के खिलाफ मोहम्मदाबाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर उनका चालान कर दिया गया है। मंगल बहेलिया व उसके साथियों की तलाश की जा रही है। इस दौरान एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ मोहम्मदाबाद राजवीर सिंह मौजूद रहे।
एसपी ने बताया कि गैंग लीडर मंगल बहेलिया के खिलाफ जिला पुलिस रिकार्ड में 2005 से 2016 तक 11 आपराधिक मामले दर्ज हुए। इसमें हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट, डकैती, गैंगस्टर, चोरी आदि मामले शामिल हैं। उसकी बहन सपना लखनऊ जेल से जबकि भाभी सोनी बरेली जेल से हाल ही में छूटकर बाहर आई हैं।
मंगल बहेलिया का गिरोह विभिन्न प्रांतों में लूट, डकैती, टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देता है। घटना से पूर्व गिरोह की महिलाएं बच्चों के साथ रेकी करती हैं। घटना को अंजाम देने जाने से पहले विधिवत काली देवी की पूजा की जाती है।
घटना के लिए चिह्नित घर के बाहर महिलाएं पहले से पहुंचकर अपने बच्चे रुला देती हैं। फिर दरवाजा खुलते ही गिरोह हमला कर देता है। घटना को अंजाम देने के बाद यह लोग दूसरे जिले में चले जाते हैं। वहां दैनिक खर्च के लिए कार में सवारियां बैठाकर टप्पेबाजी करते हैं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में पकड़े जाने पर बच्चे की दवाई का पर्चा दिखाकर खुद को छुड़ा लेती हैं।
घुमंतू गिरोह के निकले संदिग्ध, कार से मिली डेढ़ लाख की अफीम
कार से लखनऊ, बनारस से लूटे गए जेवर बरामद
सभी आरोपी सरगना मंगल बहेलिया के परिजन हैं