कंपिल थाना क्षेत्र के कैरई गांव में अज्ञात कारणों से देर रात दो झोपड़ियों में आग लग गई। आग से नगदी समेत दो लाख का सामान जलकर राख हो गया। झोपड़ी में सो रहे बच्चे बाल बाल बच गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। सूचना पर चौकी पुलिस लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर आग से हुए नुकसान का आंकलन किया।
कैरई गांव निवासी नवाब सिंह यादव की गांव में दो झोपड़ियां हैं। एक झोपड़ी में सामान रखा था जबकि दूसरी झोपड़ी में उनकी पत्नी व बच्चे लेटते थे। नवाब बुधवार रात खेत पर फसल की रखवाली करने के लिए गए थे। पत्नी महेश्वरी देवी झोपड़ी से कुछ दूरी पर स्थित हैंडपंप पर जानवरों को पानी पिलाने के लिए गई थी।
बच्चे झोपड़ी में सो रहे थे। एक झोपड़ी में अचानक आग लग गई। तेज हवा से आग ने दूसरी झोपड़ी को भी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों से आग की लपटें उठती देख महेश्वरी देवी दौड़ पड़ी। शोर सुनकर ग्रामीणों की मौके पर भीड़ लग गई।
झोपड़ी में सो रहे बच्चे भी आग को देख चीखने चिल्लाने लगे। ग्रामीणों ने बच्चों को सकुशल बाहर निकाला। ग्रामीणों ने हैंडपंप से पानी व मिट्टी डालकर आग से दो घंटे में काबू पाया। लेकिन तब तक सबकुछ जलकर राख हो गया था। झोपड़ी जलने से महेश्वरी देवी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
महेश्वरी देवी ने बताया कि आग से पचास हजार रुपये, जेवरात चांदी का बिछवा, पायल, सोने की चेन, अंगूठी, चूड़ी, झाले व घरेलू सामान जल गया। आग से लगभग दो लाख का नुकसान हो गया है। सूचना पर गुरुवार सुबह लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर आग से हुए नुकसान का आंकलन किया।
लेखपाल ने बताया कि उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर मुआवजा दिलवाया जाएगा।
आग से दो झोपड़ियां जली, दो लाख का नुकसान
थाना क्षेत्र के कैरई गांव की घटना