मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। एक लाचार किसान के बेटे ने तीन माह की फीस जमा नहीं होने पर कालेज से भगाए जाने से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पिता ने कालेज प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया और मुकदमा जांच के बाद ही दर्ज करने का आश्वासन दिया।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव तेरा गढ़िया निवासी अरविंद कठेरिया का 17 वर्षीय बेटा ओमकार कठेरिया गांव सकवाई स्थित एक प्राइवेट इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में पढ़ता था। बुधवार की सुबह वह अपने चचेरे भाई पुष्पेंद्र पुत्र हरवेंद्र के साथ स्कूल गया था। पुष्पेंद्र भी कक्षा नौ में पढ़ता है। कॉलेज में प्रार्थना के बाद प्रधानाचार्य ने ओमकार को बुलाया और फीस जमा करने को कहा। ओमकार ने होली से पहले फीस जमा करने की बात कही। प्रधानाचार्य ने उसकी एक नहीं सुनी और कॉलेज से भगा दिया। ओमकार ने कक्षा में पुष्पेंद्र को बताया और बैग उठाकर घर चला आया।
दोपहर एक बजे घर से 300 मीटर की दूरी पर शिवमंगल के बाग में पेड़ पर उसका शव लटका मिला। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा। कालेज से घर पहुंचे चचेरे भाई पुष्पेंद्र ने कालेज में हुए घटनाक्रम की जानकारी परिजनों व पुलिस को दी। पुष्पा देवी ने बताया कि उनका बेटा घर आया था। वह परेशान था, बैग रखकर चला गया था। पति दवा लेने फर्रुखाबाद गए थे। पिता अरविंद ने बताया कि दो दिन पहले ओमकार ने 1800 रुपये फीस जमा करने को कहा था। इस पर उन्होंने होली से पहले ही आलू बेच कर फीस देने को कहा था। पुलिस ने परिजनों को जांच कर मुकदमे का आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक कमलेश बाबू ने बताया कि स्कूल से जानकारी मिली है कि छात्र ने एक छात्रा को प्रेम पत्र दिया था। इसकी शिकायत प्रधानाचार्य से की गई थी। इससे छात्र भयभीत हो गया था। फिलहाल जीआईसी फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य एपी सिंह, फर्रुखाबाद के हरित प्रसाद मिश्रा व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी राजीव की तीन सदस्य जांच समिति बनाकर तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
जिला विद्यालय निरीक्षक कमलेश बाबू ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में पता चला है कि छात्र ने एक छात्रा को प्रेम पत्र दिया था। इसकी शिकायत प्रधानाचार्य से की गई थी। इससे छात्र भयभीत हो गया था। फिलहाल तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनायी गई है। इसमें जीआईसी फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य एपी सिंह, फर्रुखाबाद के हरित प्रसाद मिश्रा व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी राजीव को तीन दिन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।
पांच भाइयों में था दूसरे नंबर का ओमकार
मोहम्मदाबाद। ओमकार पांच भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके भाई सूरज, करन, विनय व अन्नू हैं। बहनों में कंचन, रूपा व प्रिया हैं। मां पुष्पा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। अरविंद के पास दो बीघा खेत है। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। खेती व मेहनत मजदूरी कर वह परिवार का भरण पोषण करते हैं। ओमकार भी इसमें मदद करता था।
कालेज में छुट्टी, प्रधानाचार्य का मोबाइल आफ
मोहम्मदाबाद। दोपहर करीब एक बजे कालेज से भगाए जाने के कारण ओमकार के फांसी लगा लेने की सूचना मिलते की कालेज में तत्काल छुट्टी कर दी गई। घटना के बाद पुलिस कर्मियों ने कालेज जाकर मामले की जानकारी करनी चाही। पर, वहां उन्हें कोई कर्मचारी नहीं मिला। नजदीक स्थित दूसरे स्कूल के लोगों से प्रधानाचार्य व अन्य लोगों के बारे में पुलिस ने जानकारी हासिल की। प्रधानाचार्य का मोबाइल नंबर मिलाया गया। लेकिन वह स्विच ऑफ था। इससे पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिल सकी।