बेसिक शिक्षा विभाग में गड़बड़ियों के मामलों में आधी अधूरी कार्रवाई कर पत्रावलियों को दफन कर दिया जाता है। ऐसा ही मामला फर्जी अभिलेख से नौकरी करने वाली शिक्षिका का है। उसकी हकीकत उजागर होने पर उसकी सेवा तो समाप्त कर दी, लेकिन उसके खिलाफ न तो रिपोर्ट दर्ज कराई और न वेतन रिकवरी किए जाने की कार्रवाई शुरू की गई। पत्रावली को दबा दिया गया।
मैनपुरी जिले के थाना भोगांव के हसनपुर निवासी रीना पुत्री चंद्रभान सिंह प्राथमिक विद्यालय संतोषपुर मोहम्मदाबाद में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थी। उसके लगातार अनुपस्थित होने पर बीईओ मोहम्मदाबाद ने जांच शुरू की। इसमें शिक्षिका के अभिलेख फर्जी होने का मामला सामने आया।
शिक्षिका बहराइच में सहायक अध्यापक और सुल्तानपुर में बा विद्यालय में वार्डन पद पर नौकरी इन्हीं फर्जी अभिलेख से कर रही थी। वहां भी फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। यह मामला उजागर होने पर बीएसए रामसिंह ने 16 मई को रीना पुत्री चंद्रभान की सेवाएं समाप्त कर दी और बीईओ मोहम्मदाबाद मुन्नालाल त्रिवेदी को एक सप्ताह में रिपोर्ट दर्ज कराने और अभी तक लिए वेतन की रिकवरी किए जाने को आकलन तैयार करने के आदेश दिए। करीब एक माह हो गया।
अभी तक न तो शिक्षिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई और न वेतन रिकवरी संबंधी कार्रवाई को धनराशि का आकलन किया गया। आधी अधूरी कार्रवाई कर पत्रावली को दबा दिया गया।
बीईओ को रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था। उन्होंने रिपोर्ट किस कारण दर्ज नहीं कराई, इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। शिक्षिका के खिलाफ जल्द रिपोर्ट दर्ज कराकर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। - रामसिंह, बीएसए
फर्जी अभिलेख से नौकरी पाने में न रिपोर्ट, न हुई रिकवरी
बीएसए ने 16 मई को किया था बर्खास्त, बीईओ को दिए थे रिपोर्ट के आदेश
मामले को रफादफा करने को पत्रावली फाइलों में दबाई