फर्रुखाबाद। अपर जिला जज प्रथम रवींद्र नाथ दूबे ने दहेज हत्या के मुकदमे के आरोपी पति, ससुर और सास को दोषी करार दिया है। पति को आजीवन कारावास और ससुर को दस साल की सजा सुनाई है। सास अदालत में निर्णय के समय उपस्थित नहीं हुई। उनके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। तीन आरोपियों को संदेह का लाभ दिया है।
अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव फकरपुर निवासी अहिवरन सिंह यादव ने पुत्री सुर्मिला की शादी 13 जुलाई 2009 को मेरापुर थाने के गांव बिरसिंहपुर निवासी विपिन कुमार से की थी। शादी के बाद से ससुराल वाले दहेज में भैंस और तीस हजार रुपये की मांग करने लगे। उत्पीड़न शुरू कर दिया। 25 फरवरी 2012 को फांसी लगाकर सुर्मिला की हत्या कर दी थी। पिता अहिवरन सिंह यादव ने पति विपिन कुमार, ससुर भूप सिंह, जेठ अभिलाख सिंह, जेठानी सुमन, सास लज्जावती और भूपसिंह के भाई वीरेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने दलीलें पेश की। न्यायाधीश ने पति, ससुर भूप सिंह और सास लज्जावती को दहेज हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया। पति व ससुर को सजा सुनाई है। सास लज्जावती कोर्ट में उपस्थित नहीं हुई। उनकी गिरफ्तारी को वारंट जारी किए गए है। आरोपी अभिलाख, सुमन और वीरेंद्र को संदेह का लाभ देकर मुकदमे से दोषमुक्त किया गया है।
-ससुर को दस साल की सुनाई गई सजा
-सास के अनुपस्थित होने पर गैर जमानती वारंट हुए जारी
-तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देकर किया गया दोषमुक्त
अमर उजाला ब्यूरो