शमसाबाद(फर्रुखाबाद)। नौ दिन पहले नौकरी के बहाने घर से बुलाकर ले जाए गए सगे भाई राजस्थान के पाली क्षेत्र में स्थित एक रैन बसेरा में मिल गए। पुलिस को सर्विलांस के सहारे एक किशोर की लोकेशन राजस्थान में मिली थी। पुलिस ने दोनों भाइयों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस इस मामले के आरोपी की तलाश में लगी है।
18 नवंबर को बेला सरायगजा निवासी सुचेत मिश्र के पुत्र अभिषेक मिश्र और आदित्य मिश्र को गांव का ही मयंक नौकरी के बहाने घर से बुला ले गया था। घर न लौटने पर मां शोभा मिश्रा ने मयंक के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अभिषेक और आदित्य के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिए थे।
23 नवंबर को अभिषेक के मोबाइल नंबर की लोकेशन राजस्थान प्रांत के पाली क्षेत्र में मिली। पुलिस टीम परिजनों के साथ पाली पहुंची। सर्विलांस के सहारे पुलिस ने एक रैन बसेरा से अभिषेक और आदित्य मिश्र को पकड़ लिया। पुलिस दोनों को लेकर सोमवार को थाने पहुंची।
अभिषेक ने बताया कि मयंक ने उसे व उसके भाई को मंझना रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठाकर दो मोबाइल नंबर दिए और कहा कि इन पर बात कर लेना वह लोग तुम्हारी नौकरी लगवा देंगे। इसके बाद मयंक चला गया। उन्होंने दिए गए नंबरों पर फोन किया तो दोनों नंबर गलत निकले। ट्रेन से वह लोग राजस्थान प्रांत के पाली पहुंच गए। एसओ जयंती प्रसाद गंगवार ने बताया कि दोनों किशोरों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मयंक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजस्थान के रैन बसेरा में मिले लापता भाई
सर्विलांस के सहारे एक किशोर की लोकेशन मिली, पुलिस ने किशोरों को परिजनों के सुपुर्द किया