अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। सीतापुर में सोमवार को नौकरी दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्वत लेते बीएसए कार्यालय में पकड़ा गया लिपिक फर्रुखाबाद जिले का मूल निवासी है। उस पर पहले भी ठगी के आरोप लगते रहे हैं। कार्यालय के साथियों के अलावा कई शिक्षकों व गांव के लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। कर्जदारों के कार्यालय में आने से उसने कार्यालय आना बंद कर दिया था। अनुपस्थित रहने पर उसको निलंबित किया गया था। बहाल होने के बाद कर्ज अधिक होने से लिपिक ने अपना तबादला करा लिया था।
फतेहगढ़ कोतवाली के गांव याकूतगंज निवासी बकार खान बेसिक शिक्षा विभाग के नगर क्षेत्र कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात था। वह नौकरी लगवाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये लेकर ठगी कर चुका है। अपने कार्यालय में तैनात लिपिक सुमन मिश्रा से वर्ष 2008 में पिता की तबीयत खराब होने पर उपचार के नाम पर करीब पांच लाख रुपये लिए थे। एक लाख रुपये तो वापस कर दिया, बकाया रुपये अभी तक नहीं दिया। नगर क्षेत्र के कई शिक्षकों से पुराना एरियर दिलाने के नाम पर हजारों रुपये की ठगी की थी। गांव के लोगों से भी रुपये लेने के कारण वह कर्जदार हो गया था। कर्जदारों के कार्यालय तक आने पर उसने कार्यालय में आना बंद कर दिया था। लगातार अनुपस्थित रहने से वेतन रुकने, निलंबन होने तक की कार्रवाई हो चुकी है।
कर्जदारों से परेशान होने से वर्ष 2017 में उसने गैर जनपद तबादला कराया। बीएसए कार्यालय फर्रुखाबाद से लिपिक बकार खान का तबादला प्रतापगढ़ के लिए हुआ था। वहां से कब सीतापुर तबादला हो गया, यहां किसी को जानकारी तक नहीं है। सीतापुर में रिश्वत लेने में पकड़े जाने की जानकारी मिलने से बीएसए कार्यालय में हलचल बनी रही। विभागीय सूत्रों की माने तो लिपिक के खिलाफ कई बार शिकायतें हुई थीं।