अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। अपर जिला जज परवेज अहमद ने हत्या के मुकदमे में पिता और उसके तीन पुत्रों को दोषी करार दिया। चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 20-20 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है।
कसबा राजेपुर निवासी जगमोहन 3 फरवरी 2009 को गांव के विजय सिंह की चौपाल पर तमाशा देखने गया था। रात करीब 10 बजे दिनेश कुशवाहा के साथ घर लौट रहा था। रास्ते में गली में दिनेश के भाई राजू, सुरजीत सिंह व पिता रामपाल सिंह ने उसको घेर लिया। पुरानी रंजिश में जगमोहन के पेट में गोली मार दी। गोली की आवाज और घायल के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी बहन प्रमोद कुमारी घर के बाहर निकल गई।
उसने भाई को घायल देखा तो शोर मचाकर परिजनों को बुला लिया। हमलावर परिजनों को जान से मारने की धमकी देकर भाग गए थे। घायल जगमोहन की मौत हो गई। मृतक के भाई सुभाष सिंह ने रामपाल सिंह, उसके पुत्र दिनेश, राजू और सुरजीत के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिस पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सभी जमानत पर बाहर भी आ गए। विवेचक ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वरी कुमारी शाक्य ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने पिता और उसके तीनों पुत्रों को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।