अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। दहेज की मांग पूरी न होने पर घर से निकाली गई विवाहिता को पंचायत के बाद घर ले जाते समय ससुरालवालों ने सोमवार की शाम चलती कार से फेंक दिया। उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने ससुरालवालों पर हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
कमालगंज थाना क्षेत्र के जवाहर नगर निवासी आलमगीर अहमद ने बेटी नगमा की शादी जिला कन्नौज के थाना तालग्राम के टीला गांव निवासी मोहम्मद दाउद के साथ 20 सितंबर 2015 को की थी। शादी के बाद ससुरालवाले दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। आए दिन मारपीट करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर घर से निकाल दिया। इस पर वह मायके आकर रहने लगी।
सोमवार को ससुराल वाले उसके मायके आए और पंचायत हुई। इसमें दोबारा प्रताड़ित न करने और विदा कराने को ससुराल वाले राजी हो गए। पति व ससुराल के अन्य लोग सोमवार की शाम को विवाहिता नगमा को कार से ससुराल लेकर जा रहे थे। कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव नरायनपुर गढ़िया व खेरा गांव के बीच चलती कार से विवाहिता को फेंक दिया।
स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और नगमा को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि रास्ते में ससुराल वालों ने उसको खाने की वस्तु में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। इससे वह बेहोश होने लगी थी। उसी दौरान उसको कार से फेंक दिया। पीड़िता ने ससुराल वालों पर हत्या करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया है।