फर्रुखाबाद। लेफ्टीनेंट कर्नल ने सेना के वरिष्ठ अधिकारी पर घोटाले के आरोप लगाए हैं। उन्होंने शिकायत उच्चाधिकारियों समेत प्रधानमंत्री तक से की है। करीब सात माह पहले एसपी से भी मामले की शिकायत की गई थी। इसी के चलते अधिकारियों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। लेफ्टीनेंट के बेटे को परेशान करने के पीछे यही वजह बताई जा रही है।
लेफ्टीनेंट कर्नल मुकुल चौहान वर्ष 2016 में फतेहगढ़ रेजीमेंट में तैनात थे। इसी समय सिखलाई शॉपिंग कांपलेक्स में नई दुकानों का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि जिस जमीन पर कांपलेक्स बना है वह सेना की जमीन है। इस जमीन के संबंध में सक्षम अधिकारी से अनुमति ली गई है अथवा नहीं यह जांच का विषय है। पत्र में बताया गया है कि इसके निर्माण में सेना के रिक्रूट व वाहनों का उपयोग किया गया। जमीन की भराई के लिए बालू गंगा के किनारे से ली गई। इसके लिए राज्य सरकार से कोई अनुमति नहीं ली गई। साथ ही पुराने बंगलों की ईंटों को कांपलेक्स में लगाया गया है। बाउंड्रीवाल को तोड़ कर इसे देखा भी जा सकता है। इसके अलावा बेकरी शॉप के निर्माण में किए गए विस्तार की भी जांच की आवश्यकता है।
साथ ही बताया गया है कि फरवरी 2018 में ब्रिगेडियर छुट्टी पर थे। इसी दौरान वह एक पार्टी के लिए दिल्ली गए थे। उस समय उपयोग किया गया वाहन वह अपने खर्चे पर लेकर गए थे अथवा सैन्य खर्च पर गए थे। इसी की शिकायत मुकुल चौहान ने चार जून 2018 को सेंट्रल विजिलेंस कमीशन, जीओसी हेड क्वार्टर उत्तर भारत बरेली से की थी। साथ ही इसकी कापी प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री, गृहमंत्री व सेना प्रमुख से भी की थी।
22 जुलाई 2018 को मामले की शिकायत तत्कालीन एसपी से भी की गई थी। साथ ही एफआईआर दर्ज कराने का भी आग्रह किया गया था। एसपी संतोष मिश्रा ने बताया कि उनके सामने इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई थी। यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। पहले वह इस मामले को सही से समझेंगे। तभी वह कुछ बता सकते हैं।