फर्रुखाबाद। स्वाट टीम के प्रभारी और सदस्यों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर कराया है। इसमें रात के समय दो लोगों को जबरन पकड़ने ओर तीन लाख रुपये लेने के बाद छोड़ने का आरोप लगाया गया है।
फतेहगढ़ के बजाजा बाजार निवासी सचिन गुप्ता ने स्वाट टीम प्रभारी संजय राय, सिपाही रमाशंकर तिवारी, सुनील दुबे, निशांत सिंह, अजय तोमर, पंकज तोमर, अनिल शाक्य, शशीकांत पांडेय, अनुज, गाड़ी चालक नरेंद्र और दो अन्य सिपाही के खिलाफ परिवाद दायर कराया है।
इसमें आरोप लगाया कि वह 23/24 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे दोस्त विक्रम सिंह निवासी पीलीकोठी इंद्रा कालोनी भोलेपुर के साथ राम बारात देखकर बाइक से घर लौट रहे थे। भीमसेन मार्केट के पास बिना नंबर गाड़ी से आठ-दस लोग निकले और मारपीट कर बाइक छीन ली।
जबरन दोनों लोगों को गाड़ी में बैठाया और पुलिस लाइन में ले गए। वहां एक आफिस में ले जाकर बंद कर दिया। संजय राय ने अपना नाम बताते हुए कहा वह स्वाट टीम प्रभारी है और अन्य लोग टीम के सदस्य है। रात में मारपीट कर दोनों लोगों के घर 1.50-1.50 लाख रुपये मंगाने के लिए फोन कराया।
दूसरे दिन जब घर से रुपये आने पर दिए तब इन लोगों ने छोड़ा। पुलिस कर्मियों ने उसको और उसके मित्र को 24 घंटे अधिक बंधक बनाकर रखा। इस बारे में टीम प्रभारी ने बताया कुछ लोग उनको हटवाने के लिए लगातार कोई न कोई आरोप लगाकर प्रार्थना पत्र दे रहे है। जो आरोप लगाया गया वह गलत, किसी व्यक्ति न तो उठाया गया और रुपयों की वसूली की गई है।
-पीड़ित ने सीजेएम कोर्ट में टीम के प्रभारी और सदस्यों के खिलाफ परिवाद दायर कराया
अमर उजाला ब्यूरो