पड़ोसी जिली निवासी एक महिला ने शमसाबाद थाने के दरोगा पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया है। पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अदालत की शरण लेकर याचिका दायर की है। फिलहाल कोर्ट ने फतेहगढ़ कोतवाली से आख्या मांगी है।
जिला शाहजहांपुर के थाना अल्हागंज क्षेत्र की रहने वाली महिला ने शमसाबाद थाने के दरोगा रामरतन के खिलाफ अदालत में दायर की याचिका में कहा कि उसकी शादी शमसाबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से 27 मई 2017 को हुई थी।
शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करने लगे। 12 सितंबर 2017 को ससुराल वालों ने मारपीट कर उसको घर से निकाल दिया। पीड़िता ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की।
6 मार्च 2019 को कोर्ट से दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट लिखने का शमसाबाद थानाध्यक्ष को आदेश हुआ। जिसकी प्रतिलिपि थाने पहुंची। दरोगा रामरतन ने उसको फोन कर मुकदमे के संबंध में बात करने के लिए 10 अप्रैल को कचहरी फतेहगढ़ बुलाया।
कचहरी पहुंचने पर दरोगा उसको जीप में बैठाकर पुलिस लाइन स्थित अपने आवास ले गया। कमरे में दरोगा ने उसके साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म का प्रयास किया। शोर मचाने पर दरोगा ने धमकी देकर उसको भगा दिया। घटना की रिपोर्ट लिखवाने वह फतेहगढ़ कोतवाली गई। जहां पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
महिला ने दरोगा पर लगाया दुष्कर्म के प्रयास का आरोप
मुकदमे में पूछताछ के लिए बुलाकर दिया घटना को अंजाम