फर्रुखाबाद। कोर्ट के आदेश पर सोमवार को सेंट्रल जेल के एक कैदी का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। तीन डॉक्टरों के पैनल ने कैदी के शरीर पर तीन चोटों के निशान की पुष्टि की है।
पिछले दिनों जिलाधिकारी मोनिका रानी ने सेंट्रल जेल का निरीक्षण किया था। इस दौरान दुष्कर्म के आरोप में सजा काट रहे कंपिल थाना क्षेत्र के गांव अकराबाद निवासी कैदी सुभाष शर्मा ने जेल में अच्छा खाना न मिलने की शिकायत की थी। उसका आरोप है कि निरीक्षण के बाद उसके साथ जेल प्रशासन के लोगों ने मारपीट की। इसके बाद जब वह पेशी पर अदालत पहुंचा तो उसने मारपीट की शिकायत जज से की थी। उसने जज से चिकित्सीय परीक्षण कराए जाने की मांग की थी। इस पर कैदी का पैनल से मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए थे।
कैदी सुभाष का परीक्षण रविवार को होना था। पर, किसी वजह से परीक्षण नहीं हो सका। सोमवार सुबह 9:30 बजे कैदी कड़ी सुरक्षा में लोहिया अस्पताल लाया गया। वहां डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी, डॉ. गौरव मिश्रा व डॉ. अशोक कुमार के पैनल ने मेडिकल परीक्षण किया। वहां कैदी की पीठ में दो चोट के निशान पाए गए। वहीं, हाथ के अंगूठे में भी चोट पाई गई। डॉ. गौरव मिश्रा ने बताया कि कैदी के तीन चोट के निशान मिले हैं। दो पीठ पर व एक हाथ के अंगूठे में है।
वहीं, परीक्षण के दौरान कैदी एक ही बात बार-बार बोल रहा था। जिस दिन से उसने जिलाधिकारी से सही भोजन न मिलने शिकायत की है, तभी से जेल में उसके साथ मारपीट की जा रही है। आए दिन जेल पुलिस रात के समय उसके साथ मारपीट करती है।
सेंट्रल जेल अधीक्षक एसएमएच रिजवी ने बताया कि कैदी सुभाष शर्मा को दुष्कर्म के आरोप में दस साल की सजा हुई है। उसे दो माह पूर्व ही जिला जेल से सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है। वह पहले पेशी के दौरान भाग भी चुका है। उसने जिला जेल में उपद्रव भी किया था। इसके चलते ही उसे सेंट्रल जेल भेजा गया। उसपर कई अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। उसने सही खाना न मिलने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वह गलत है। उसकी दूसरे कैदियों से मारपीट हो गई थी। उसमें उसके चोट लगी होगी।