फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश परवेज अहमद ने कक्षा 9 की छात्रा से दुष्कर्म करने के मुकदमे के आरोपी को दोषी पाकर 10 साल की सजा सुनाई और 10000 रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतने का प्राविधान किया है।
शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव फरीदपुर मंगलीपुर निवासी रामनिवास, पप्पू, अनिल कुमार, इनकी पत्नी सुशीला देवी, बाबूराम, इनकी पत्नी विमला देवी और जिला लखीमपुर खीरी के थाना मैजलगंज के गांव बाईकुआं निवासी तेजराम के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर दुष्कर्म की रिपोर्ट शमसाबाद थाने में एक ग्रामीण ने दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री गांव के ही इंटर कॉलेज में कक्षा 9 में पढ़ती थी।
13 सितंबर 2006 को वह सुबह 7 बजे स्कूल गई लेकिन अवकाश होने के बाद घर नहीं लौटी। विद्यालय जाकर परिजनों ने पता किया तो मालूम हुआ कि छात्रा स्कूल नहीं आई। आरोपी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गए। बाद में पुलिस ने किशोरी को ढूंढ निकाला।
पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी रामनिवास को दोषी पाकर धारा 363 में पांच साल की सजा, 2000 रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा, धारा 366 में सात साल की सजा, 3000 रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा तथा धारा 376 के जुर्म में 10 साल की सजा और 5000 रुपये जुर्माना किया।
जुर्माना न देने पर सात माह की अतिरिक्त सजा का प्राविधान किया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। आरोपी पप्पू, सुशीला देवी, अनिल कुमार, बाबूराम, विमला देवी और वेदराम को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया गया।