फर्रुखाबाद। गोरखपुर जेल से स्थानांतरित किए गए पूर्व विधायक माफिया राजन तिवारी को कड़ी सुरक्षा में सेंट्रल जेल फतेहगढ़ में दाखिल किया गया।
प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में 61 माफियाओं की सूची जारी की थी। इसमें पूर्व विधायक राजन तिवारी का भी नाम शामिल था। वर्ष 1998 में माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला, आनंद, अनुज व पूर्व विधायक राजन तिवारी के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा गोरखपुर के कैंट थाने में दर्ज किया गया था।
जमानत पर छूटने के बाद राजन तिवारी बिहार के चंपारण के गोविंदगंज में जाकर रहने लगा था। वर्ष 2005 में गोरखपुर गैंगस्टर कोर्ट ने राजन तिवारी के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी किए थे।
कुछ समय पूर्व राजन तिवारी बिहार से वापस आकर गोरखपुर के गुलरिया व पिपराइच इलाके में प्रापर्टी डीलर का काम करने लगा।
तीन दिन पहले गोरखपुर की पुलिस ने उसको 17 वर्ष पुराने वारंट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शासन ने प्रशासनिक आधार पर पूर्व विधायक को फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल स्थानांतिरत करने के आदेश दिए।
शनिवार शाम को पूर्व विधायक राजन तिवारी को कड़ी सुरक्षा में गोरखपुर पुलिस ने सेंट्रल जेल फतेहगढ़ पहुंचा दिया। प्रभारी अधीक्षक ब्रदीप्रसाद ने बताया कि पूर्व विधायक राजन तिवारी को 5:45 बजे शाम को जेल में पहुंच गया है।