रास्ते में सतेंद्र का सपना के पास फोन आया और बायपास पर मिलने के लिए बुलाया। सपना बहनों को बताकर सतेंद्र से मिलने चली गई और काफी देर तक वापस नहीं आई। सतेंद्र ने भाई गौरव को फोन करके बताया कि सपना का एक्सीडेंट हो गया है। उसका शव काली नदी पर पड़ा हुआ है।
वहां पहुंचने पर सपना का शव काली नदी पर पाया गया। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। विवेचक ने सतेंद्र, बिजेंद्र, एक किशोरी व जनपद एटा थाना मलावन गांव दौलतपुर निवासी कौशल किशोर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
किशोरी की फाइल अलग कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने सतेंद्र व कौशल किशोर को बुधवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों दोषियों पर 53- 53 हजार रुपये जुर्माना जमा लगाया गया।
वहीं,जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। बिजेंद्र के खिलाफ साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से शिवनरेश सिंह, अनिल बाजपेई, दीपिका कटियार ने दलीलें दीं। इसके बाद कोर्ट ने सजा सुनाई।