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Farrukhabad: पत्नी की हत्या में पति सहित दो को आजीवन कारावास, देवर को किया दोषमुक्त, एक आरोपी नाबालिग

Thu, 08 Dec 2022 04:09 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

जिला कोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में पति समेत दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, दोनों दोषियों पर 53- 53 हजार रुपये जुर्माना जमा लगाया है। साथ ही, साक्ष्य न मिलने पर देवर को दोषमुक्त किया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फर्रुखाबाद जिले में अपर सत्र न्यायाधीश विष्णु चंद्र वैश्य ने पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के मामले में पति सहित दो दोषियों को आजीवन कारावास सुनाया है। देवर के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसे दोषमुक्त कर दिया। एक आरोपी के नाबालिग होने पर उसकी फाइल पृथक कर दी गई थी।

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कन्नौज कोतवाली छिबरामऊ पुरानी गल्ला मंडी निवासी राजेंद्र सिंह ने 18 मई 2016 को जनपद मैनपुरी थाना भोगांव मोहल्ला आदर्श नगर निवासी दामाद सतेंद्र सिंह, उसके भाई बिजेंद्र, परिवार की एक किशोरी के खिलाफ मोहम्मदाबाद कोतवाली में पुत्री की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें बताया था कि सात दिसंबर 2015 को पुत्री सपना की शादी सतेंद्र के साथ की थी। अप्रैल 2016 में सपना परीक्षा देने के लिए मायके आई थी। 16 मई 2016 को सपना बहन प्रतिभा व ममेरी बहन करिश्मा के साथ छिबरामऊ में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में रुपये जमा करने के लिए घर से निकली।

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रास्ते में सतेंद्र का सपना के पास फोन आया और बायपास पर मिलने के लिए बुलाया। सपना बहनों को बताकर सतेंद्र से मिलने चली गई और काफी देर तक वापस नहीं आई। सतेंद्र ने भाई गौरव को फोन करके बताया कि सपना का एक्सीडेंट हो गया है। उसका शव काली नदी पर पड़ा हुआ है।

वहां पहुंचने पर सपना का शव काली नदी पर पाया गया। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। विवेचक ने सतेंद्र, बिजेंद्र, एक किशोरी व जनपद एटा थाना मलावन गांव दौलतपुर निवासी कौशल किशोर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।

किशोरी की फाइल अलग कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने सतेंद्र व कौशल किशोर को बुधवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों दोषियों पर 53- 53 हजार रुपये जुर्माना जमा लगाया गया।
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वहीं,जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। बिजेंद्र के खिलाफ साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से शिवनरेश सिंह, अनिल बाजपेई, दीपिका कटियार ने दलीलें दीं। इसके बाद कोर्ट ने सजा सुनाई।
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