फर्रुखाबाद। चहेतों के नाम से ठेकेदारी कर रहे अधिकारियों पर शिकंजा कस गया है। शासन तक मामला पहुंचने पर सिंचाई एवं जल संसाधन के प्रमुख अभियंता ने पत्र जारी कर सूचना तलब की है। इससे अधिकारियों का फंसना तय माना जा रहा है।
शासन की सख्ती के बावजूद विभागों में निजी कर्मचारी काम कर रहे हैं। सिंचाई एवं जल संसाधन के प्रमुख अभियंता कार्यालय के वैयक्तिक सहायक नवीन भटनागर ने मुख्य अभियंताओं को पत्र जारी किया है। इसमें कहा कि विभागीय अधिकारी व कर्मचारी अपने रिश्तेदारों के माध्यम से ठेकेदारी कर रहे हैं। इसकी लगातार शिकायतें मिल रही हैं। यह उचित नहीं है। ऐसे अधिकारी व कर्मचारियों की सूची तीन दिन के अंदर उपलब्ध कराएं। हकीकत यह है कि नलकूप विभाग व सिंचाई विभाग में निजी कर्मचारी धड़ल्ले से काम कर रहे हैं।
अधिकारियों के चालक आउटसोर्स के बजाय निजी स्तर पर लगाए गए हैं। वर्कशाप में मोटर बनाने के लिए, स्टोर में सामग्री देने के लिए व कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर बाहरी व्यक्ति काम कर रहे हैं। इसके अलावा राजकीय नलकूप विभाग में पंप हाउस निर्माण, नाली की मरम्मत, पाइप लाइन डालने का काम अधिकारियेां के करीबी ठेकेदार ही कर रहे हैं। लाखों रुपये लागत के काम टेंडर न निकालकर वर्कआर्डर पर कराए जाते हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो तकनीकी कर्मचारियों के बैंक खाता चेक कराए जाएं तो कई कार्यों का भुगतान सीधे उनके खाते में भेजे जाने की भी पोल खुल जाएगी। मिलीभगत का खेल वर्षों से चल रहा है। कुछ ऐसा ही हाल सिंचाई विभाग में भी बताया जा रहा है। यहां तो बाढ़ से पहले के छूटे अधूरे कार्यों का भुगतान बाढ़ समाप्त होने के बाद कमीशन के खेल में पूरा कर दिया जाता है। इसमें परकोपाइन निर्माण, नाला सफाई, सिल्ट सफाई, नहर किनारे पटरी निर्माण, भवन निर्माण, मरम्मत कार्य आदि कार्य शामिल हैं। प्रमुख अभियंता के पत्र जारी होने से विभाग में खलबली मची है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि उन्हेे अभी ऐसा पत्र नहीं प्राप्त हुआ है। दो दिन अवकाश रहा है। मंगलवार को कार्यालय खुलने के बाद वह जानकारी करेंगे।