फर्रुखाबाद। विशेष अदालत ईसी एक्ट के न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में पति और दो देवरों को दोषी पाकर दो-दो साल कैद की सजा सुनाई है। 14-14 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है।
जहानगंज के गांव पतौजा निवासी मलका खातून उर्फ सुरैय्या की शादी गांव के सैयद अब्दुल जमीन के साथ पांच जुलाई 1991 में हुई थी। दहेज में स्कूटर, फ्रिज, टीवी की मांग की जाने लगी। विदा होकर घर ससुराल जाने के बाद दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा। 17 जुलाई 1997 को पति व अन्य लोगों ने पीटकर मलका खातून को घर से निकाल दिया था।
20 जुलाई 1997 को सैयद अब्दुल जमील ने दूसरी शादी कर ली। पीड़िता की तहरीर पर जहानगंज थाने में ससुरालीजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचक ने जांच कर पति सैयद अब्दुल जमीन, देवर सैयद अब्दुल लतीफ उर्फ लतीफ और सैयद अब्दुल कलीम के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। चार जुलाई 2008 में आरोपियों को अधीनस्थ न्यायालय से दोषमुक्त कर दिया गया।
इस आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील की गई। इसकी सुनवाई विशेष अदालत ईसी एक्ट में हुई। न्यायाधीश ने पति और दोनों देवरों को दहेज उत्पीड़न, मारपीट व धमकी देने के जुर्म में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।