एप से भेजी गई खबर) - रामगंगा के महोलिया घाट पर चल रही है नाव - ड्यूटी लगाए जाने के बाद भी लेखपाल नहीं कर रहे निगरानी संवाद न्यूज एजेंसी अमृतपुर। रामगंगा के उस पार खेती होने से जनपद के किसानों के लिए महोलिया घाट पर नाव चलाने की अनुमति दी गई है। पर इसकी आड़ में नाव से दूसरे जनपदों के लोग आ जा रहे हैं। लेखपाल भी घाट की निगरानी नहीं कर रहे हैं, जबकि वहां लेखपाल की ड्यूटी लगाई गई है। दूसरे जनपदों से लोग न आ सकें और न ही दूसरे जनपदों को जा सकें। इसके लिए जनपद की सीमाएं सील हैं। इसके चलते ठेकेदार ने तहसील क्षेत्र में जनपद की सीमा करने के लिए महोलिया घाट रामगंगा में नाव चलू कर दी थी। इससे दूसरे जनपदों के लोग आ जा रहे थे। इसकी खबर एक मई के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित हुई थी। इसके बाद थाना पुलिस नाव को बंद करा दी थी। उपजिलाधिकारी ने 2 मई को लेखपाल मोहित गुप्ता व संजीव दुबे को महोलिया घाट की निगरानी के लिए लगाया गया था। लेकिन अभी तक कोई लेखपाल निगरानी करने नहीं आ रहा है। इसके चलते ही ठेकेदार ने तहसील के एक कर्मचारी से साठगांठ कर शुक्रवार को नाव फिर चालू करा दी है। नाव के ठेकेदार ने यह कह कर नाव चालू की है कि किसानों को ही रामगंगा पर कराएंगे। किसानों की आड़ में नाव ठेकेदार हरदोई, शाहजहांपुर, लखीमपुर के लोगों को सीमा पार कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शाहजहांपुर का कसबा अल्हागंज से तमाम लोग गांव में फेरी लगाने आते है। इससे ग्रामीण भयभीत हैं। उपजिलाधिकारी बृजेंद्र कुमार ने बताया है कि नाव से केवल किसान ही रामगंगा पार करेंगे। दूसरे जिलों के लोगों को सीमा पार कराई गई तो ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।