फर्रुखाबाद। जिला जेल में बंद सजायाफ्ता बंदी की ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव बसायकपुर निवासी 62 वर्ष के राम विलास को तीन अक्तूबर 2019 को हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। तभी से राम विलास जिला जेल में निरुद्ध चल रहे थे। शुक्रवार रात तबीयत खराब होने पर जेल के डॉक्टर विजय अनुरागी ने इलाज के बाद लोहिया रेफर कर दिया।
लोहिया अस्पताल में डॉक्टर ने बंदी राम विलास को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पत्नी रामकली, पुत्र राजीव, सचिन सहित परिवार के लोग लोहिया अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने बताया कि रामविलास के गले में अंगौछे का निशान है।
एक माह पहले मुलाकात के दौरान वह बिल्कुल ठीक थे। एकाएक मौत कैसे हो गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कुछ कह पाएंगे। पुलिस ने जांच कर शव का पोस्टमार्टम कराया। सूत्रों के मुताबिक बंदी रामविलास की ह्रदय गति रुकने से मौत की पुष्टि हुई है।