रुपये लेने के बाद भी नहीं बदला ट्रांसफार्मर
सांसद का कहना है कि ग्रामीणों से पांच हजार रुपये लेने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। ग्रामीणों ने बाढ़ग्रस्त पड़ोसी गांव में रखा ट्रांसफार्मर लाकर अपने गांव में लगा लिया था। यदि चोरी किया होता तो ट्रांसफार्मर खुले में रखने के बजाय बेच देते या फिर छिपाकर रखते। जेई ने ग्रामीणों के खिलाफ ट्रांसफार्मर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जनप्रतिनिधि से भी बात करने की तमीज नहीं
मुकदमा वापस लेने के लिए एक लाख रुपये की मांग की जा रही है। बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों को रोटी के लाले हैं, एक लाख रुपये कहां से देंगे। जेई को जनप्रतिनिधि से भी बात करने की तमीज नहीं है। उन्होंने जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की ही समस्या रखी थी। हालांकि अधिकारियों ने ही बताया कि जेई मानसिक रूप से परेशान है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई
फिलहाल वह जेई के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखकर देंगे। दूसरी ओर अवर अभियंता होरीलाल वर्मा ने बताया कि उन्होंने प्रकरण के संबंध में अधिशासी अभियंता व एसई को लिखकर दिया है कि सांसद से उसे जान का खतरा है।
अधीक्षण अभियंता विवेक अस्थाना ने बताया कि ट्रांसफार्मर चोरी होने, ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज कराने व जेई को धमकी मिलने के मामले की कमेटी से जांच कराएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।