फर्रुखाबाद। जनपद के आवासीय भवनों में अग्निशमन के मानक पूरे किए बिना चल रहे निजी अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए सीएमओ ने एसीएमओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग में जनपद के 157 नर्सिंगहोम (निजी अस्पताल) पंजीकृत हैं। अधिकांश नर्सिंगहोम आवासीय भवनों में संचालित होने के साथ अग्निशमन के मानक भी पूरे नहीं हैं। जिले में मात्र एक नर्सिंगहोम की अग्निशमन विभाग से एनओसी ली गई है। गलियों में चल रहे नर्सिंगहोम में दूसरा गेट न होने से आग लगने पर मरीज व तीमारदारों के भागने का रास्ता भी नहीं है।
वहीं फायरब्रिगेड पहुंचना भी काफी मुश्किल है। डीएम की रोक के बावजूद बिना जांच के ही निजी अस्पतालों का पंजीकरण व नवीनीकरण का खेल चल रहा है। इस संबंध में अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में घरों में चल रहे नर्सिंगहोम, बेसमेंट में भर्ती होते मरीज, शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसका सीएमओ ने संज्ञान लेते हुए जांच कमेटी गठित कर दी है।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने पंजीकरण के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसमें डिप्टी सीएमओ डॉ.प्रभात वर्मा, पटल प्रभारी आलोक सिंह व अभिषेक मिश्रा को शामिल किया गया है। सभी नर्सिंगहोम की अभियान के तहत कमेटी जांच करेगी। अग्निशमन व अन्य मानक अधूरे मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। अधूरे मानकों पर चलने वाले और बेसमेंट में मरीज भर्ती करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही नर्सिंगहोम का लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा।