फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष व महिला अस्पताल में मनमानी हावी है। गुरुवार को सीएमओ के औचक निरीक्षण के दौरान पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज जमीन पर पड़ा मिला। नर्स को फटकार लगाकर बेड पर लिटाया। महिला अस्पताल में बच्चों को दवा लिख रहे प्रशिक्षु फार्मासिस्ट से जानकारी ली, तो वह बोला- आप कौन। इसके बाद प्रशिक्षु की जमकर फटकार लगाई गई।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव शिव सहाय अवस्थी की जिले में मौजूदगी और 13 जनवरी को प्रस्तावित निरीक्षण के चलते सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार और डिप्टी सीएमओ डॉ. आरसी माथुर गुरुवार दोपहर अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ नर्स रीना अफसरों को देख खड़ी हो गईं। अधिकारी वार्ड में घुसे।
सुबह के वक्त बेहोशी हालत में भर्ती कराया गया अज्ञात मरीज जमीन पर पड़ा मिला। इस पर अधिकारी दंग रह गए। सीएमओ ने अपने अधीनस्थों से मरीज को बेड पर लिटाया। स्टाफ नर्स को फटकार लगाकर स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। सीटी स्कैन में नेटवर्क को सही कराने के लिए कहा। पीकू वार्ड भी सही मिला।
महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में डॉक्टर नहीं मिले। सीएमओ ने कर्मियों से कहा कि यहां पैसे लेने की शिकायतें मिल रही हैं। एक वार्ड में भर्ती प्रसूता घर से हीटर लाकर सर्दी दूर कर रही थी। सीएमओ ने सीएमएस डॉ. कैलाश दुल्हानी से कहा कि यह ठीक नहीं है।
सीएमओ और डिप्टी सीएमओ जब डॉ. खुशबू के कमरे में पहुंचे, तो वह नहीं थीं। वहां एक युवक बच्चों की दवाएं लिख रहा था। दोनों अफसरों ने डॉक्टर की जानकारी चाही, तो वह बोला कि आप लोग कौन हैं। इस पर पीछे खड़े सीएमएस कैलाश दुल्हानी और सीएमओ ने फटकार लगाई। उससे नाम पूछा, तो छोटू बताया। वह प्रशिक्षु फार्मासिस्ट बताया गया। उसका समय भी पूरा हो चुका है, फिर भी बच्चों का इलाज कर रहा है। सीएमओ ने उसे दफ्तर आकर कागजात देने के निर्देश दिए।