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Farrukhabad News: सीएमओ को नदारद मिले चार डॉक्टर सहित 13 स्वास्थ्य कर्मी

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कायमगंज। सीएचसी में नसबंदी शिविर का जायजा लेने आए सीएमओ को अस्पताल में चार संविदा डॉक्टर समेत 13 स्वास्थ्य कर्मी नदारद मिले। वार्डों में गंदगी के अलावा डेंगू वार्ड अस्त-व्यस्त हालत में मिला। सीएमओ ने नाराजगी जाहिर करते कार्रवाई की चेतवानी दी।
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मंगलवार दोपहर सीएमओ अवनींद्र कुमार सीएचसी में लगे नसबंदी शिविर का जायजा लेने पहुंचे। उस समय 35 महिलाओं की नसबंदी होना बताया गया। सीएमओ ने इमरजेंसी व अन्य वार्डों पर नजर डाली। इसमें गंदगी का अंबार मिला। आवासों के पास गंदगी मिली। डेंगू वार्ड में बेड पर मरीज बिना चादर के लेटे मिले। किसी बेड पर मच्छरदानी नहीं मिली। वार्ड में छह बेड की जगह दो-तीन बेड दूर-दूर पड़े मिले।
चिकित्साधीक्षक किसी मामले में जवाब नहीं दे सके। उन्होंने सुधार करने की हिदायत देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। पंजिका रजिस्टर चेक करने पर उसमें चार संविदा डॉक्टर व नौ स्वास्थ्य कर्मचारी गैरहाजिर मिले। सीएमओ ने उनकी अनुपस्थित दर्ज कर वेतन काटने के लिए कहा है।
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सीएमओ ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधीक्षक को व्यवस्था में सुधार लाने की चेतावनी दी। चिकित्साधीक्षक डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि अनुपस्थित डॉक्टर व कर्मचारी आरवीएसके टीम के हैं। वे फील्ड में ही रहते हैं। साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा।

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चिकित्साधीक्षक का ड्राइवर बना डाॅक्टर, सीएमओ ने दिखाए फोटो
- गले में आला लटकाकर कई सेवा पटलों पर दिखी उपस्थिति
सीएमओ ने फोटो दिखाकर की पूछताछ, अधीक्षक बोले- फोटो पुराने हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
कायमगंज। सीएचसी में एक बाहरी युवक अक्सर गले में आला डालकर मरीजों को दवा आदि देता था। लोगों ने इमरजेंसी कक्ष में भी काम करते देखा। अनजान लोग डॉक्टर मानकर दवा भी ले जाते थे। इसकी शिकायत सीएमओ तक पहुंच गई।
मंगलवार को सीएमओ अवनींद्र कुमार ने इस युवक के बारे में चिकित्साधीक्षक से पूछताछ की। सबसे पहले ड्राइवर के बारे में जानकारी ली। चिकित्साधीक्षक के नाम बताने पर सीएमओ ने युवक का फोटो दिखाया और कहा यह कौन है। अधीक्षक ने कहा उनका ड्राइवर है। इमरजेंसी कक्ष व अस्पताल के अन्य चिकित्सीय सेवाओं के पटलों पर बैठे फोटो दिखाए। पूछा कि यह युवक यहां चिकित्सीय सेवाएं कैसे दे सकता है। इस पर अधीक्षक जवाब नहीं दे सके। बताया गया कि युवक पूर्व में अस्पताल में फार्मासिस्ट की ट्रेनिंग करने आया था। ट्रेनिंग का समय समाप्त हो गया। इसके बाद वह अस्पताल में चिकित्सीय सेवाएं देने लगा। युवक के अस्पताल के डॉक्टर की कुर्सी पर विराजमान होकर गले में डॉक्टर की तरह स्टेथसकोप (आला) डाले फोटो दिखाए। सीएमओ ने नाराजगी जाहिर की। अधीक्षक डॉक्टर विपिन कुमार ने बताया कि युवक पूर्व में प्रशिक्षण ले चुका है। किसी ने पुराने फोटो भेजकर साजिश की है। फिलहाल वह युवक उनकी गाड़ी चलाता है। अस्पताल में वह कोई काम नहीं करता है।
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