फर्रुखाबाद। पंचायती राज विभाग में कार्यरत महिला सफाईकर्मी की मौत के डेढ़ वर्ष बाद भी परिजनों को भुगतान न करने में लिपिक फंस गया है। डीपीआरओ ने लिपिक पर कार्रवाई के लिए निदेशक आंतरिक लेखा को पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं।
अमृतपुर क्षेत्र के गांव ताजपुर निवासी सफाईकर्मी लज्जावती की 6 सितंबर 2021 को मौत हो गई थी। उसका पति घनश्याम भी पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मी है। लज्जावती का 300 दिन का अर्जित अवकाश का भुगतान तीन लाख 63 हजार 520 रुपये करने के लिए डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने 30 सितंबर 2022 को भुगतान करने के आदेश दिए। बिल अपलोडर सुशील कुमार ने 12 फरवरी 2023 को कंप्यूटर पर अपलोड किया। इसके बाद सुधि नहीं ली। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बावजूद सफाई कर्मी का भुगतान नहीं किया। इस पर डीपीआरओ ने गुरुवार को लिपिक राकेश बाबू को फाइल सहित तलब कर अब तक भुगतान न करने पर कड़ी नाराजगी जताई।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कारण लिपिक ने दूसरा बिल अपलोड कराकर हस्ताक्षर करने की बात कही। डीपीआरओ ने यह कहते हुए मना कर दिया कि आखिर भुगतान की फाइल बिना उन्हें जानकारी दिए क्यों दबाई गई। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बिल अपलोडर सुशील कुमार को भुगतान न होने के संबंध में दोबारा प्रयास न करने और उन्हें जानकारी न देने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जबकि लिपिक राकेश बाबू के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशक आंतरिक लेखा को पत्र लिखने के आदेश दिए हैं।
डीपीआरओ ने बताया कि भुगतान में जानबूझकर लापरवाही की गई है। इससे कार्रवाई होना भी आवश्यक है। दूसरी ओर लिपिक राकेश बाबू ने बताया कि सफाई कर्मी घनश्याम ने अपने बच्चों के बैंक खाता नंबर उपलब्ध नहीं कराए थे। इसी वजह से देरी हुई है।