फर्रुखाबाद। रिश्वत लेने के आरोपी लिपिक ने शिकायतकर्ता को जातिसूचक गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। डीएम के आदेश पर सीएमओ कार्यालय के लिपिक सहित चार के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद भी विभाग की ओर से कार्रवाई के नाम पर सिर्फ पटल का चार्ज हटाया गया। ऐसे में सीएमओ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नवदिया निवासी पंकज ने डीएम संजय कुमार सिंह के आदेश पर सीएमओ कार्यालय के लिपिक राजवीर सिंह के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया कि भतीजे अमन ने डी-फार्मा किया है। सरकारी अस्पताल में तीन माह की प्रैक्टिस के लिए राजवीर सिंह से मिला। लिपिक ने अमन को सरकारी अस्पताल में भेजने के लिए दो हजार रुपये की रिश्वत ले ली। इस मामले में पंकज ने अधिकारियों से शिकायत की और रिश्वत का वीडियो वायरल कर दिया।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने रिश्वत का वीडियो वायरल होने पर राजवीर सिंह से चार्ज छीन लिया और विभागीय जांच के आदेश कर दिए। तीन अगस्त को लिपिक राजवीर व तीन अज्ञात लोग शिकायतकर्ता के घर पर पहुंचे। इन लोगों ने रिश्वत का वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया। इन्कार करने पर सभी लोगों ने जाति सूचक गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। दुष्कर्म, रंगदारी मांगने, लूट के मुकदमे में फंसाने की बात कही। यह लोग उसकी हत्या भी कर सकते हैं।