फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल के आवासों में रह रहे कर्मियों को कनेक्शन करवाने का नोटिस जारी होने के बाद आक्रोश है। कर्मचारी नेता सीएमएस से मिले तो जमकर नोकझोंक हुई। कर्मचारी अपने नाम से कनेक्शन न करवाने की बात कह रहे हैं। वहीं, सीएमएस का लहजा काफी सख्त होने से वार्ता का कोई परिणाम नहीं निकला। कर्मचारियों ने पत्र देकर अपना इरादा भी बता दिया।
लोहिया पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने चार दिन पहले सभी कर्मियों को नोटिस देकर जुलाई के अंत तक कनेक्शन करवाकर मीटर लगवाने की हिदायत दी थी। ऐसा न होने पर आवासों की बिजली काटने की बात कही थी। इस पर कर्मचारी नेता गुस्सा गए। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के मंत्री जितेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला, फार्मासिस्ट महासंघ के उपाध्यक्ष शचींद्र द्विवेदी, अरविंद प्रजापति, गिरीश कुमार आदि कर्मचारी नेता सीएमएस के कक्ष में पहुंचे। जितेंद्र सिंह ने बात कहनी चाही, तो सीएमएस ने कुछ देर पीछे बैठने के लिए कह दिया। इस पर कर्मचारी गुस्सा गए। उन्होंने तुरंत ही कुछ देर बात सुनने के लिए कहा। करीब 10 मिनट नोकझोंक के बाद सीएमएस शांत हुए।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि आवासों के पास कुछ पुराने मीटर लगे हैं। उन्हीं को चालू कराया जाए। यदि कर्मचारी बिजली विभाग में कनेक्शन कराएगा, तो उसे खुद कटवाना भी पड़ेगा। यह ठीक नहीं है। कनेक्शन कमरा नंबर के नाम होना चाहिए। जो कर्मचारी रहेगा, वह उसका बिल देगा। यदि नई व्यवस्था शुरू की गई, तो कर्मचारी का आर्थिक और मानसिक शोषण होगा। ऐसे में आवास संख्या से ही मीटर लगवाया जाए।
सीएमएस ने बिजली विभाग के जेई से बात कर उन्हें मौके पर बुलाना चाहा, मगर उन्होंने आने में असमर्थता जताई। जेई ने बुधवार को समस्या समाधान के संबंध में बातचीत करने की बात कही। इसके बाद मामला शांत हो सका। वार्ता में शानू भदौरिया आदि कर्मचारी मौजूद थे।
डॉक्टरों के आवासों पर मीटर लगे कनेक्शन नहीं
परिसर में करीब 15 डॉक्टरों के आवासों में मीटर लग चुके हैं। उसका केबल भी अलग से डाला गया, मगर किसी भी आवास में मीटर से कनेक्शन नहीं किया गया। लिहाजा बिना मीटर के ही बिजली जलाई जा रही है।
425 केवीए का एक कनेक्शन
अस्पताल में फिलहाल 425 केवीए का एक कनेक्शन है। उसी पर लगे मीटर से पूरे परिसर को बिजली दी जाती हैै। कर्मचारी मनमाने तरीके से बिजली की खपत कर रहे हैं। उनसे एक निर्धारित रकम ही ली जाती है।