फर्रुखाबाद। शहर के किराना बाजार में 250 साल पुरानी जर्जर इमारत के ध्वस्तीकरण आदेश के चलते बुधवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट बुलडोजर के साथ पहुंच गए। उन्होंने छह दुकानदारों को तुरंत दुकान खाली करने के निर्देश दिए। इस पर नोकझोंक होने लगी। त्योहार को देखते हुए अधिकारियों ने दिवाली तक का समय दे दिया।
शहर के नया कोठा पार्चा निवासी प्रदीप कुमार अग्रवाल की पुरानी जर्जर इमारत है। इसमें ओमप्रकाश, कबरे, अवनीश कुमार, हिमांशु समेत छह लोग किराये पर दुकान लिए हैं। इसका मलबा आए दिन गिरता रहता है।
प्रदीप कुमार ने बताया कि दुकानदार कई साल से दुकानें खाली नहीं कर रहे थे। जबकि, कभी भी हादसा हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर पालिका से हादसे की आशंका को देखते हुए जर्जर इमारत गिराने का आग्रह किया था। काबिज दुकानदारों ने दुकानें खाली करने से आनाकानी की। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र ने जनहित में भवन को गिराने के आदेश पारित कर दिए।
सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र, ईओ रविंद्र कुमार बुधवार सुबह करीब आठ बजे बुलडोजर लेकर पहुंचे। उन्होंने कोतवाली पुलिस के साथ चौक और पक्कापुल पर बैरियर लगाकर यातायात बंद कर दिया। बुलडोजर देख दुकानदार सहम गए। कुछ ही देर में कई अन्य परिजन भी पहुंच गए। अधिकारियों ने जब दुकानें खाली करने को कहा, तो नोकझोंक होने लगी।
अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। इस पर दुकानदारों ने दिवाली के त्योहार को देखते हुए 13 नवंबर की सुबह आठ बजे तक की लिखित मोहलत दे दी। सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र ने बताया कि 13 नवंबर की सुबह आठ बजे तक दुकानें खाली कर दी जाएंगी। इसके बाद प्रशासन गिराने की कार्रवाई करेगा।