कंपिल। बाढ़ से जूझ रहे दर्जनों गांव कंपिल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर आश्रित है,लेकिन यह सीएचसी खुद ही बीमार है। डॉक्टर अक्सर नहीं मिलते। सभी जांच मशीनें नहीं चलती हैं। अस्पताल में गंदगी की भरमार है। बारिश में छतों से पानी टपकता है। एएनएम के भरोसे प्रसव व्यवस्था चल रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यहां तैनात डॉक्टर कभी नही आते हैं। सीएचसी प्रभारी सुबह 10 बजे ही अस्पताल में दाखिल होते हैं, तभी मरीज देखे जाते हैं। जबकि आदेश सुबह आठ बजे से ओपीडी सेवाएं शुरू करने का है। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल के दौरान सुबह 9:15 दोनों डॉक्टरों के कक्ष खाली थे। परिसर व वार्डों में गंदगी की भरमार दिखाई पडी। मरीजों के लिए बने शौचालय से दुर्गंध आ रही थी।
कंपिल अस्पताल में एएनएम रिंकी, वार्ड बॉय पवन कुमार, काउंसलर सपना मौजूद मिले। आयुुष फार्मासिस्ट रामबाबू पर्चा काउंटर पर बैठे दिखे। जांच लैब में सीबीसी मशीन, ईएसआर मशीन, बायो केमिस्ट्री एनालाइजर, इलेक्ट्रोलाइट एनालाइजर कबाड़ की तरह भरी हैं। किसी भी मशीन से जांच नहीं हो रही है। एलटी आयुष कुमार ने बताया कि सीबीसी मशीन खराब होने के साथ किसी भी मशीन के लिए रीजेंट नहीं है। मांगपत्र भेजा है। मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू आदि जांचें किट से की जा रही हैं।
एक्सरे कक्ष में ताला पड़ा रहता है। फिजियोथेरेपिस्ट रमाशंकर मरीज देखकर दवा भी बांटते हैं। फार्मासिस्ट मनोज कुमार भी अक्सर सीएचसी कायमगंज में मौजूद रहते हैं। बिजली व्यवस्था बदहाल होने के बावजूद सीएचसी में जनरेटर नहीं है। रिकार्ड के अनुसार अगस्त में 47 प्रसव कराए गए।
प्रसूताओं को भोजन व नाश्ता मिलने का सवाल करने पर एएनएम रिंकी चुप्पी साध गईं। ओपीडी में प्रतिदिन 200 से 250 मरीज आ रहे हैं। फिजियोथेरेपिस्ट रमाशंकर ने बताया कि फार्मासिस्ट मनोज की सीएचसी कायमगंज में ड्यूटी रहने से वह दवाई वितरित करते हैं। डॉक्टर न आने पर वह मरीज भी देखते हैं।
सीएचसी प्रभारी डॉ.हिमांशु सिंह ने बताया कि सफाई कर्मी की तैनाती न होने से अस्पताल में गंदगी है। नगर पंचायत या निजी सफाई कर्मी को बुलाकर काम चला रहे हैं। तैनात डॉक्टर एक दिन भी नहीं आए हैं। व्यवस्थाएं सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।