फर्रुखाबाद। अस्पताल के अंदर घुस रहीं बाइकों पर रोक लगाने की मंशा से सीएमएस ने इमरजेंसी गेट पर चेन डलवा दी। इससे गंभीर मरीजों को लाने और ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद कई बाइकें अंदर खड़ी दिखाई दीं।
लोहिया जिला अस्पताल की इमरजेंसी गेट से स्टाफ के अलावा स्टोर अथवा मरीजों से मिलने आने वाले तीमारदार भी बाइकें लेकर प्रथम तल तक चले जाते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए सीएमएस ने बुधवार सुबह इमरजेंसी मुख्य गेट पर चेन डलवा दी। इमरजेंसी गेट पर 24 घंटे गंभीर मरीजों का आना-जाना लगा रहता है। लिहाजा एंबुलेंस कर्मी व तीमारदार हड़बड़ी में मरीजों को जान बचाने की मंशा से लाते और ले जाते हैं।
चेन लगने के बाद अब मरीजों को एक साथ तेजी से अंदर नहीं ला सकते। इसमें एक व्यक्ति चेन ऊपर करने के लिए हर हाल में चाहिए। दिन भर मरीजों को लाने-ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। चेन लगने के बावजूद स्टाफ के लोग बाइकों को अंदर ले जाकर खड़ी करते रहे। रसोई का सामान ले जाने में भी कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोगों का कहना है कि बाइकों पर अंकुश लगाने के लिए मुख्य गेट पर गार्ड की तैनाती होनी चाहिए। चेन लगाने से खासी दिक्कत है। सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि चेन काफी ढीली रखी है। आसानी से ऊपर करके निकला जा सकता है। वह प्रयोग कर रहे हैं। मरीजों और तीमारदार के हितों के लिए फैसले ले रहे हैं।
फोटो- 25,
सुरक्षा की बजाय गार्डों से शिफ्ट कराए जा रहे मरीज
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल की व्यवस्था बेहद खरीब है। अस्पताल कर्मी भी मनमाने तरीके से काम करते हैं। इमरजेंसी में सुरक्षा के लिए लगे दो गार्ड अपना काम करने की बजाय बुधवार को इमरजेंसी से वार्डों में मरीजों को शिफ्ट करते दिखे। जबकि यह काम इमरजेंसी में तीनों शिफ्ट में ड्यूटी करने वाले वार्ड बॉय का है। गार्डों ने बताया कि वह सुरक्षा में खड़े होते हैं, तो कर्मचारी उनसे मरीज पहुंचने की बात कह देते हैं। उन्हें तो काम करना है, सो करते रहते हैं। (संवाद)