फर्रुखाबाद। जालसाजी कर लोन लेने के मामले में पुलिस ने महिला सहित गिरफ्तार पांच लोगों को जेल भेज दिया। दिल्ली का मास्टर माइंड कृष्णा पुलिस की पकड़ में नहीं आया है।
एएसपी डॉ. संजय कुमार ने पुलिस लाइन के सभागार में बुधवार को बताया कि 27 फरवरी को स्टेट बैंक की शाखा कैंट एरिया के मैनेजर यश अनामी ने संदीप कुमार सहित नौ लोगों के खिलाफ रेलवे का कर्मचारी बनकर फर्जी प्रपत्रों से 15 लाख का लोन लेने का मुकदमा दर्ज कराया था। खुलासे के लिए सीओ सिटी की अगुवाई में फतेहगढ़ कोतवाल सचिन कुमार सिंह व एसओजी प्रभारी अशोक कुमार को लगाया था।
28 फरवरी को पुलिस की टीमों ने जेएनवी रोड लोक निर्माण विभाग के ऑफिस के पास से राजस्थान जनपद जोधपुर थाना डगियाबास हाता बनाड निवासी सुमित कुमार, जनपद बनारस थाना जन्सा गांव भटपुरी निवासी सौरभ उर्फ शुभम सिंह, जनपद उन्नाव थाना गंगाघाट बिंदा नगर निवासी अभिषेक सिंह, हरियाणा जनपद झज्जर थाना व गांव बहादुरगढ़ निवासी बंटी उर्फ अवनीश सिंह, नई दिल्ली आरके पुरम सफदरगंज आजाद बस्ती निवासी राधा देवी को गिरफ्तार कर लिया। इनको कोर्ट में पेेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। एएसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की गई थी। इसमें उन्होंने गिरोह सरगना दिल्ली निवासी कृष्णा को बताया है। पुलिस का कहना है मास्टर माइंड पकड़ में नहीं आया है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। विवेचना में कई तथ्य उजागर होने पर सभी की गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
1.40 लाख की नकदी सहित प्रपत्र बरामद
पकड़े गए शातिरों के पास से पुलिस ने 1.40 लाख रुपये, छह मोबाइल, फर्जी छह आधार कार्ड, फर्जी 14 डेबिट कार्ड, फर्जी पांच पैन कार्ड, पांच चेक बुक, रेल मंत्रालय का फर्जी आई कार्ड, इज्जत नगर से जारी फर्जी पे स्लिप बरामद किए गए।
छह माह पहले खाता खोलकर निर्धारित तिथि पर डालते थे वेतन
गिरोह के शातिर सदस्य बैंक में छह माह पहले सर्विस मैन बताकर खाता खुलवाते थे। इसके बाद निर्धारित तिथि व वेतन का रुपया स्थानांतरित करते थे। इससे बैंक स्टेटमेंट निकालने पर पता चल जाए कि खाता धारक वेतन भोगी है।
सात घंटे में 15 लाख का लोन भी सवालों के घेरे में
बैंक में सात घंटे में 15 लाख का लोन हो जाना भी संदेह के घेरे में है। विवेचक लोन लेने की प्रक्रिया के संबंध में जांच करेंगे। इसके संबंध में उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श कर कार्रवाई की जाएगी।