फर्रुखाबाद। पूर्व महासचिव संजीव पारिया सहित पांच लोगों के खिलाफ पुलिस ने रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें मुकदमा निपटाने व जमीन वापस करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तलैया लाइन, हाल निवासी दुर्गा कालोनी निवासी सुनील कुमार बिसारिया ने कैंट निवासी बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव संजीव पारिया (वर्तमान में शाहजहांपुर जिला जेल में बंद) व चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया कि मां कमला बिसारिया को लेकर 7 नवंबर 2023 को कोषागार में जीवन प्रमाण पत्र देने जा रहा था। तभी रास्ते में संजीव पारिया व उनके चार साथी मिल गए। यह लोग उसको व मां को अपने चेंबर में ले गए। वहां बैठा लिया। तलैया लाइन में उसके मकान पर चले जिला न्यायालय व हाईकोर्ट के मुकदमे निपटाने के लिए 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। धमकी दी कि अगर रुपये नहीं दोगे तो मकान भी नहीं मिल पाएगा। जान से मारने की धमकी देकर दबाव बनाया। मां कमला बिसारिया डर गई। उसी दिन पांच लाख रुपये कहीं से लाकर संजीव पारिया को दे दिए। इसके बाद किसी तरह चेंबर से बाहर निकले। इसके बाद संजीव पारिया ने कुछ भी नहीं किया। मकान भी वापस नहीं मिला। मां कमला की तबीयत खराब हो गई। इलाज चलता रहा और मां का देहांत हो गया। संजीव पारिया के जेल जाने के बाद हिम्मत करके रिपोर्ट दर्ज कराने के संबंध में तहरीर दी। कोतवाल हरिश्याम सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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गैंगस्टर में जमानत दाखिल, रंगदारी के मुकदमे में बी वारंट जारी
शाहजहांपुर जेल में बंद संजीव पारिया की गैंगस्टर के मुकदमे में हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हो गई। परिजनों ने बृहस्पतिवार को जमानत दाखिल की। कोर्ट से जिला जेल फतेहगढ़ के लिए रिहाई परवाना जारी हो गया। जिला जेल से रिहाई परवाना यह कहकर वापस कर दिया गया कि संजीव पारिया जिला जेल में नहीं बंद है। शुक्रवार को शाहजहांपुर जिला जेल के लिए डाक से रिहाई परवाना भेजा गया। एसीजेएम कोर्ट में पुलिस की ओर से संजीव पारिया के खिलाफ बी वारंट के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। कोर्ट ने शाम को बी वारंट जारी कर दिया। पुलिस बी वारंट तामील कराने के लिए शाहजहांपुर जिला जेल के लिए रवाना हो गई। ऐसे में संजीव पारिया का अभी जेल से निकलना मुमकिन नहीं होगा।