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Farrukhabad News: कार सवारों ने छात्र को दबोचा, हंगामा

Thu, 27 Apr 2023 02:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फर्रुखाबाद। सादा वर्दी में पहुंची एसओजी ने कीटनाशक विक्रेता के पुत्र को दबोच लिया। चीख-पुकार पर पहुंचे परिजनों से अभद्रता की। एकत्रित व्यापारियों के विरोध पर वह कार में नहीं डाल सके। कोतवाल ने माफी मांगी और वहां से चले गए। सरे बाजार अभद्रता से दुखी परिजनों ने भाजपा जिलाध्यक्ष को खरीखोटी सुनाईं। जिलाध्यक्ष ने अफसरों से बातचीत की।
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शहर के नेहरू रोड निवासी कीटनाशक विक्रेता रचित टंडन का पुत्र कुशाग्र मंगलवार देर रात गैराज में गाड़ी खड़ी करके घर के गेट पर पहुंचा। कुछ दूरी पर पहले से खड़ा सादा वर्दी में एक व्यक्ति उसके पीछे आया। जैसे ही उसने गेट पर घंटी बजाई, तो उसे दबोच लिया। कुछ ही देर में करीब 10 अन्य लोग भी आ गए। कुशाग्र बचाओ-बचाओ की आवाज लगाने लगा। इस पर उसके माता-पिता, चाचा आदि परिवार के लोग नीचे भागे। देखा कि कुछ लोग उसे कार में डालने का प्रयास कर रहे हैं। परिजनों ने कारण पूछा, तो कार सवारों ने उनके साथ भी अभद्रता कर दी। कुछ ही देर में आसपास के व्यापारियों की भीड़ जमा हो गई।
कार सवार अपने को एसओजी टीम का होना बताने लगे। व्यापारियों ने पकड़ने का कारण पूछा, तो उन्होंने फोन में एक फोटो दिखाया। जबकि छात्र और उस फोटो में कोई मेल नहीं था। विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही कोतवाल विनोद शुक्ला पहुंच गए। व्यापारियों ने एसओजी की इस कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया। एसओजी को भी लगा कि गलत युवक को पकड़ लिया। इस पर उन्होंने माफी मांगी और वहां से चले गए।
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उनके जाने के बाद भी परिजनों में गुस्सा शांत नहीं हुआ। रचित ने बताया कि पुलिस की हरकत से बेइज्जती हुई है। बेटे ने कक्षा 12 की परीक्षा दी है। सूचना मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता पहुंचे। व्यापारियों में रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिस निरंकुशता से किसी भी सरेआम बेइज्जती कर देती है। काफी समझाने के बाद शांत होने पर जिलाध्यक्ष ने अधिकारियों से वार्ता की। कुछ ही देर में पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल भी पहुंचे। उन्होंने घटना को दुखद बताकर अफसरों से बात करने का आश्वासन दिया।

एसओजी कई दिन से हाथ-पैर मार रही है, मगर हीं भी बड़ी सफलता नहीं मिल रही। कुशाग्र को पकड़ते वक्त एसओजी के सिपाहियों ने मोबाइल में फोटो दिखाया। जबकि वह फोटो कुशाग्र से मेल नहीं खाता था। बावजूद इसके उसे पकड़ लिया गया। एसओजी की लापरवाही से शहर के संभ्रांत परिवार को जलालत झेलनी पड़ती।
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