नवजात बालिका के साथ नर्स आराधना
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अपने परिजनों से पिछले नौ दिनों से जन्म लेने के बाद बिछड़ी बालिका को आखिरकार मां का आंचल मिल गया। पुलिस की मौजूदगी में बालिका उसकी मां को सुपुर्द कर दी गई। इस दौरान बालिका के परिजनों और आशा के बीच मारपीट की नौबत आ गई। पुलिस ने मामले को रफा-दफा किया।
थाना जहानगंज के गांव कंधरापुर की रहने वाली तबस्सुम ने 27 फरवरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची को जन्म दिया था। चार बेटी होने के कारण उसने इस बच्ची के भरण-पोषण से हाथ ऊपर कर दिए थे। अस्पताल में कार्यरत नर्स आराधना और आशा वीना कटियार ने इस बच्ची को लेकर अपने परिजनों को दे दिया था।
आराधना का कहना है कि परिजन निसंतान थे। इसके बाद तबस्सुम की बहन ने थाने में बहन की बेटी को नर्स द्वारा बेच दिए जाने की तहरीर दी। आराधना ने बच्ची को वापस कर दिया। आराधना बच्ची को लेकर थाने पहुंची और उसने दुधमुही बेटी को तबस्सुम को सौंप दिया। बेटी सौंपते समय तबस्सुम की बुआ जरीना बेगम और आशा वीना कटियार के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। पुलिस ने जैसे-तैसे मामला शांत किया और दोनों को अपने-अपने घर भेज दिया।