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Farrukhabad News: भाकियू का प्रदर्शन, दबाव में एसडीएम ने छोड़े ट्रैक्टर

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जहानगंज। चकबंदी वाले गांव में मेड़ तोड़ने की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने किसानों के तीन ट्रैक्टरों को सीज कर दिया। विरोध में भाकियू टिकैत गुट ने जोरदार प्रदर्शन किया। एसडीएम और सीओ के सामने ही पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं का गुस्सा देख अधिकारी बैकफुट पर आ गए। एसडीएम के आदेश पर बिना जुर्माना वसूले ही तीनों ट्रैक्टरों को छोड़ दिया गया।
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थाना क्षेत्र के गांव बहोरा में पिछले सालों चकबंदी शुरू कराई गई थी। इसमें कुछ खेतों की नाप हो गई। किसानों के विरोध के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ऐसे में कुछ किसान नई जगह और कुछ अपने पुराने खेतों को जोत रहे हैं। इसी को लेकर आए दिन विवाद के हालात पैदा हो जाते हैं। बीते दिन गांव के ही ओम प्रकाश, विजय बहादुर और ब्रजमोहन ने थाने में शिकायत की। कहा कि कुछ लोगों ने उनकी मेड़ तोड़कर खेत जोत लिया है।
पुलिस ने शिवनाथ सिंह, अशोक कुमार, शिव रतन को पकड़कर तीनों के ट्रैक्टरों को भी थाने में बंद कर सीज कर दिया था। यही नहीं शिवनाथ पर शांतिभंग की कार्रवाई भी कर दी थी।
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किसानों पर पुलिसिया कार्रवाई की जानकारी होने पर सोमवार को भाकियू टिकैत गुट के मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा, प्रमुख महासचिव लक्ष्मी शंकर जोशी, जिलाध्यक्ष अरविंद शाक्य, कमलेश शाक्य, अभिषेक, अमित राजपूत, संतराम वर्मा की अगुवाई में ट्रैक्टरों व कारों से करीब 300 लोग बैंक ऑफ इंडिया के सामने पहुंचे। यहां प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। सूचना पर सीओ मोहम्मदाबाद अरुण कुमार, थानाध्यक्ष योगेंद्र सोलंकी, आसपास के चौकी प्रभारी और पुलिस लाइन से दो ट्रक फोर्स बुलाया गया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक ट्रैक्टरों नहीं छोड़े जाते, तब तक पंचायत खत्म नहीं होगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त एसडीएम गजराज सिंह को भी बुला लिया गया। उन्होंने किसान नेताओं को समझाने का प्रयास किया, मगर वह नहीं माने। किसानों ने कहा कि यदि दोबारा किसानों को परेशान किया, तो थाने के अंदर संग्राम होगा। अधिकारी किसानों के सहयोग की बजाय उत्पीड़न कर रहे हैं। किसानों का गुस्सा देख एसडीएम ने बिना जुर्माना वसूले ही सीज ट्रैक्टरों को छोड़ने के आदेश दिए। किसानों को ट्रैक्टर मिलने के बाद पंचायत खत्म कर दी गई।
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