फर्रुखाबाद। माफिया बसपा नेता अनुपम दुबे के खिलाफ मथुरा जेल से बी वारंट तलब कर कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 21 फरवरी की तिथि नियत की है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला बाग रठौरा निवासी कृष्ण गोपाल तिवारी ने गांव बरारिख निवासी अवधेश उर्फ भूरे व फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया बसपा नेता डाॅ. अनुपम दुबे, भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि गैंगस्टर अनुपम दुबे की कुर्क की गई कृषि भूमि तहसीलदार ने उसको सुपुर्दगी में दी थी।
अप्रैल 2022 में अवधेश उर्फ भूरे ने उसको गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। कहा कि अनुपम व अनुराग दादा ने कहा है कि उनकी जमीन पर खेती करने के लिए प्रतिवर्ष 2.50 लाख रुपये देने होंगे। ऐसे में फसल अवधेश उर्फ भूरे को सौंप दी। अवधेश फसल बेचकर माफिया को लाभ पहुंचा रहा है। अनुपम दुबे वर्तमान में जीआरपी इंस्पेक्टर रामनिवास यादव की हत्या में मथुरा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
फरार भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन पर 50 हजार का इनाम है। विवेचक ने मुकदमे में बी वारंट मथुरा जेल में दाखिल किए थे। गुरुवार को कोर्ट ने बी वारंट कोर्ट में तलब किए। बचाव व अभियोजन पक्ष के वकीलों ने दलीलें दीं। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 21 फरवरी की तिथि नियत की है।
गैंगस्टर के मुकदमे में 28 को होगी सुनवाई
बसपा नेता अनुपम दुबे के खिलाफ वर्ष 1997 को गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मुकदमे में गुरुवार को गवाही होनी थी। गवाह के नहीं आने पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तिथि नियत की है।