फर्रुखाबाद। अस्पतालों में लगे आरोग्य मेले में मरीज दवा लेने पहुंचे। अधिकतर अस्पतालों में फार्मासिस्ट और स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों को दवा बांटी। बिना चिकित्सक और एलटी के ही मरीज निरोगी हो गए। मेले में 2093 मरीजों को उपचार मिला।
शासन के आदेश पर रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। शाम को मरीजों की संख्या भरकर कागजी खानापूरी कर दी जाती है। शहर के आईटीआई उपकेंद्र पर मेला लगा। डाॅक्टर नदारद रहे। अस्पाताल में मौजूद स्टॉफ नर्स अरुणा ने 34 मरीज देखे। जांच का इंतजाम न होने के कारण किसी भी मरीज की जांच नहीं हो सकी।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फैजबाग में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने मरीजों देखकर दवाई दी। मेले में बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा रही। लैब टेक्नीशियन अस्वस्थ होने के कारण दोपहर में ही घर चले गए। फार्मासिस्ट ने 61 मरीज देखे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिलसरा में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। फार्मासिस्ट नरेंद्र राजपूत ने 92 मरीज देखे। लैब टेक्नीशियन न होने के कारण किसी भी मरीज की जांच नहीं हो सकी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसियापुर में भी व्यवस्था फार्मासिस्ट दिलीप कुमार के हवाले रही। 53 मरीज देखकर दवा वितरित की गई। यहां भी कोई चिकित्सक और लैब टेक्नीशियन न होने के कारण मरीजों को बिना जांच के ही वापस लौटना पड़ा।
कंपिल प्रतिनिधि के अनुसार पीएचसी बरखेड़ा में डॉ. रजनी ने बुखार, खुजली, एलर्जी के 38 मरीज देखे। लैब असिस्टेंट अनूप कुमार ने चार मरीजों की मलेरिया टाइफाड की जांच की। वार्ड बॉय शैलेंद्र ने दवाई बांटी।
नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार पीएचसी खलवारा में आयुष चिकित्सक डॉक्टर जसवीर सिंह, डॉक्टर नीलम बघेल ने 118 मरीज देखे। इसमें गैस्ट्रो के 22, खाज खुजली संबंधित 33, एनीमिया के तीन हाइपरटेंशन के पांच, डायबिटीज के आठ, बुखार के 21 मरीजों को उपचार दिया गया।
सीएमओ डा. अवनीेंद्र कुमार ने बताया कि मेले में 2093 मरीजों को उपचार दिया गया। एलटी न होने के कारण कई स्थानों पर जांचे नहीं हो सकी हैं। जहां चिकित्सक नहीं थे, उनको नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।